रायपुर पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन निश्चय” के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 35 किलोग्राम गांजा के साथ महाराष्ट्र के दो अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई विधानसभा थाना क्षेत्र में की गई। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से गांजा परिवहन में प्रयुक्त एक कार और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। जब्त मशरूका की कुल कीमत लगभग 24 लाख 70 हजार रुपये आंकी गई है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 25 जनवरी 2026 को विधानसभा थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि एक चारपहिया वाहन में सवार कुछ लोग महासमुंद से रायपुर की ओर गांजा का परिवहन कर रहे हैं। बताया गया कि आरोपियों ने महासमुंद पुलिस द्वारा लगाई गई नाकेबंदी को तोड़ते हुए वाहन से फरार होने का प्रयास किया था। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना प्रभारी विधानसभा के नेतृत्व में एक पुलिस टीम गठित की गई।
पुलिस टीम द्वारा आमासिवनी रिंग रोड नंबर-03 स्थित ब्रिज के पास नाकेबंदी की गई। इस दौरान एक संदिग्ध कार को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन वाहन चालक ने पुलिस वाहन को टक्कर मारकर भागने की कोशिश की। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी कर वाहन को रोक लिया।
कार में दो व्यक्ति सवार थे। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम राकेश कुमार गुप्ता और अमित सिंह बताए। दोनों आरोपी महाराष्ट्र के निवासी हैं। पुलिस द्वारा वाहन की तलाशी लेने पर कार में रखी बोरियों से अलग-अलग पैकेटों में 35 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 35 किलो गांजा, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 17 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है, गांजा परिवहन में प्रयुक्त कार क्रमांक एमएच 46 सीवी 2841, जिसकी कीमत करीब 7 लाख रुपये आंकी गई है, तथा दो मोबाइल फोन, जिनकी कीमत लगभग 20 हजार रुपये है, जब्त किए हैं।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर विधानसभा थाना में उनके विरुद्ध नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट की धारा 20(बी)(ii)(सी) तथा लोक संपत्ति का निवारण अधिनियम की धारा 3 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। मामले में वैधानिक कार्रवाई जारी है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राकेश कुमार गुप्ता (52 वर्ष), निवासी साकुर्ली, थाना ठाणे, जिला ठाणे (महाराष्ट्र) तथा अमित सिंह (35 वर्ष), निवासी टोंढरे, थाना देना बैंक, जिला रायगढ़ (महाराष्ट्र) के रूप में की गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के नेटवर्क और गांजा की आपूर्ति से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।



