LIVE 11:00am
भाजपा (BJP): लगभग 121 सीटों पर बढ़त।
तृणमूल कांग्रेस (TMC): लगभग 71 सीटों पर बढ़त।
कांग्रेस और वाम मोर्चा: मिलकर 2 से कम सीटों पर बढ़त।
10:00am |
भाजपा (BJP): लगभग 115 सीटों पर बढ़त।
तृणमूल कांग्रेस (TMC): लगभग 95 सीटों पर बढ़त।
कांग्रेस और वाम मोर्चा: मिलकर 5 से कम सीटों पर बढ़त।
बहुमत का आंकड़ा: 148 सीटें (आज 293 सीटों की गिनती हो रही है)।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना के शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी ने बढ़त बना ली है, जबकि तृणमूल कांग्रेस को कड़ी चुनौती मिलती दिखाई दे रही है। राज्य की कुल 294 सीटों में से 293 सीटों पर आज मतगणना हो रही है, जबकि फलता सीट पर 21 मई को पुनर्मतदान निर्धारित है। बहुमत के लिए 148 सीटों का आंकड़ा जरूरी है और शुरुआती रुझान इस दिशा में बीजेपी को मजबूत स्थिति में दिखा रहे हैं।
शुरुआती रुझानों के अनुसार Suvendu Adhikari भवानिपुर और नंदीग्राम दोनों सीटों पर Mamata Banerjee से आगे चल रहे हैं। भवानिपुर, जो ममता बनर्जी का गढ़ माना जाता रहा है, वहां उनका पीछे रहना राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम संकेत माना जा रहा है। नंदीग्राम में भी 2021 की तरह एक बार फिर कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है, जहां अधिकारी ने शुरुआती बढ़त बना ली है।
बीजेपी शुरुआती रुझानों में 100 से अधिक सीटों पर आगे बताई जा रही है, जबकि तृणमूल कांग्रेस 90 से 110 सीटों के बीच संघर्ष करती दिख रही है। कांग्रेस का प्रदर्शन सीमित नजर आ रहा है और वह केवल 1 से 2 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। झारग्राम, भवानिपुर और नंदीग्राम जैसे इलाकों में बीजेपी का प्रदर्शन मजबूत बताया जा रहा है।
इस चुनाव में रिकॉर्ड 92.47 प्रतिशत मतदान हुआ, जो राज्य के इतिहास में सबसे अधिक में से एक है। लगभग 6.83 करोड़ मतदाताओं ने मतदान किया, हालांकि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद करीब 90 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे, जिसका असर कुछ सीटों के परिणामों पर पड़ सकता है।
एग्जिट पोल्स ने जहां कांटे की टक्कर का अनुमान लगाया था और बीजेपी को हल्की बढ़त दी थी, वहीं शुरुआती रुझान उससे अधिक मजबूत प्रदर्शन की ओर संकेत कर रहे हैं। ग्रामीण इलाकों और औद्योगिक क्षेत्रों में बीजेपी को अपेक्षा से बेहतर समर्थन मिलता दिखाई दे रहा है।
मतगणना के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और 23 जिलों में 77 केंद्रों पर गिनती जारी है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर कई आरोप भी लगाए हैं, जिनमें बिजली कटौती, सीसीटीवी फुटेज गायब होने और वीवीपैट पर्चियों के कथित रूप से फेंके जाने के मुद्दे शामिल हैं।
अब सभी की नजर भवानिपुर और नंदीग्राम जैसे हाई-प्रोफाइल मुकाबलों पर टिकी है, जो इस चुनाव के अंतिम परिणाम और राज्य की राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं। इसके अलावा यह भी देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या बीजेपी बहुमत का आंकड़ा पार कर पाती है या मुकाबला अंत तक टक्कर का बना रहता है।


