राज्य शासन के निर्देशानुसार जन शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सुशासन तिहार 2026 के तहत बलौदाबाजार जिले के ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में जनसमस्या निवारण समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों का उद्देश्य आम जनता को पारदर्शी, सरल और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना न पड़े।
इसी क्रम में विकासखंड भाटापारा के ग्राम मोपर, पलारी के ग्राम ससहा, कसडोल के ग्राम डेराडीह और नगर पंचायत पलारी में समाधान शिविर आयोजित किए गए, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर अपनी समस्याएं दर्ज कराईं और मौके पर ही उनका निराकरण भी कराया। शिविरों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में पात्र हितग्राहियों को विभिन्न विभागों की योजनाओं के तहत सामग्री, चेक और प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
खाद्य विभाग द्वारा राशन कार्ड, स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयुष्मान कार्ड और चश्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मनरेगा जॉब कार्ड और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान की चाबी, मत्स्य पालन विभाग द्वारा महाजाल और आइस बॉक्स, उद्यानिकी विभाग द्वारा फलदार पौधे, समाज कल्याण विभाग द्वारा भारत माता वाहिनी को सीटी और छड़ी तथा टीबी मुक्त गांव के सरपंच को महात्मा गांधी की प्रतिमा प्रदान की गई। इसके साथ ही खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा बच्चों को स्पोर्ट्स किट भी वितरित की गई।
समाधान शिविरों की खास बात यह रही कि यहां केवल आवेदन स्वीकार करने तक सीमित नहीं रहा गया, बल्कि मौके पर ही फाइल तैयार कर तत्काल निराकरण भी किया गया। इसमें नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे राजस्व मामलों के साथ-साथ मनरेगा की लंबित मजदूरी, आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र, बिजली, ट्रांसफार्मर और पेयजल से संबंधित समस्याएं, आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, महतारी वंदन योजना, पेंशन और श्रम कार्ड जैसी विभिन्न योजनाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान शामिल रहा।
प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया गया है कि शिविर में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का अधिकतम एक महीने के भीतर निराकरण किया जाएगा। जिला स्तरीय अधिकारियों ने शिविर में उपस्थित होकर अपने-अपने विभागों की योजनाओं की जानकारी दी और ग्रामीणों को इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
शिविर में “सुशासन सेल्फी” भी आकर्षण का केंद्र रही, जहां ग्रामीण उत्साहपूर्वक फोटो खिंचवाते नजर आए। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा शिशुवती महिलाओं को सुपोषण किट वितरित की गई, वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा हेल्थ कैंप लगाकर ग्रामीणों की जांच की गई। तेज गर्मी को ध्यान में रखते हुए शिविर में ओआरएस घोल की भी व्यवस्था की गई थी, जिससे लोगों को राहत मिली।
इन समाधान शिविरों के माध्यम से प्रशासन ने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि शासन की योजनाएं सीधे जनता तक पहुंचें और लोगों की समस्याओं का समाधान मौके पर ही सुनिश्चित हो। यह पहल न केवल सेवा वितरण को आसान बना रही है, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास को भी मजबूत कर रही है।


