आयुष कश्यप हत्या मामला में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जांजगीर-चांपा जिले के बिर्रा थाना क्षेत्र में हुई इस सनसनीखेज वारदात की जांच में सामने आया है कि उधारी के पैसों का विवाद, कारोबारी प्रतिस्पर्धा और मृतक की बढ़ती आर्थिक हैसियत से उपजी जलन इस हत्या की बड़ी वजह बनी। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि कुछ अन्य संदिग्धों की तलाश अभी भी जारी है।
पुलिस के मुताबिक यह मामला ग्राम करही का है, जहां 23-24 अप्रैल 2026 की दरम्यानी रात नकाबपोश बदमाशों ने घर में घुसकर कारोबारी युवक आयुष कश्यप की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस हमले में बीच-बचाव करने पहुंचे उसके छोटे भाई आशुतोष कश्यप को भी गोली लगी थी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था।
घटना वाली रात पूरा परिवार घर में सो रहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि तीन नकाबपोश हमलावर घर के पीछे के रास्ते से अंदर दाखिल हुए। आरोपियों ने पहले घर में लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़े, फिर मृतक के पिता के कमरे को बाहर से बंद कर दिया ताकि कोई बाहर न निकल सके।
इसके बाद आरोपी सीधे उस कमरे में पहुंचे, जहां आयुष कश्यप, उसका भाई आशुतोष और बहन मौजूद थे। कमरे में घुसते ही आरोपियों ने आयुष पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस के मुताबिक एक गोली उसके सीने में और दूसरी कनपटी पर लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हमले के दौरान उसके छोटे भाई आशुतोष को भी गोली लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया था और मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आयुष कश्यप हत्या मामला सिर्फ पुरानी रंजिश नहीं, बल्कि आर्थिक विवाद और कारोबारी प्रतिस्पर्धा से भी जुड़ा था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आयुष कश्यप हाल के दिनों में रेत और सीमेंट कारोबार से जुड़ा था और तेजी से आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा था। उसकी बढ़ती आर्थिक स्थिति और इलाके में बढ़ते प्रभाव से आरोपी खुद को नुकसान में महसूस कर रहे थे।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों और मृतक के बीच पहले से उधारी के पैसों को लेकर विवाद चल रहा था। कारोबार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और आर्थिक हैसियत से उपजी जलन ने इस रंजिश को हत्या की साजिश तक पहुंचा दिया।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने 200 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तकनीकी साक्ष्य जुटाए और कई संदिग्धों से पूछताछ की।
आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस टीमों ने गुजरात, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, ओडिशा, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर तक दबिश दी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी भूषण बघेल के पास पहले अवैध हथियार देखा गया था, जिसके बाद जांच ने तेजी पकड़ी।
पुलिस ने ऑपरेशन हंट के तहत कार्रवाई करते हुए मामले में हेमंत कुमार बघेल, भूषण बघेल और अमित टंडन को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों के कब्जे से एक पिस्टल, मैगजीन, अतिरिक्त खाली मैगजीन और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
अधिकारियों का कहना है कि आयुष कश्यप हत्या मामला में कुछ अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई है और पुलिस मुख्य साजिशकर्ता समेत बाकी सहयोगियों की तलाश कर रही है।
इस सनसनीखेज हत्या के खुलासे के बाद इलाके में चर्चा तेज है और पुलिस अब पूरे नेटवर्क और साजिश की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है।



