कोसरंगी महिलाओं को मुफ्त सिलाई मशीन देने की मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की घोषणा पर प्रशासन ने तेजी से अमल करते हुए महज एक दिन के भीतर 50 महिलाओं को सिलाई मशीनें वितरित कर दीं। रायपुर जिले के आरंग विकासखंड के ग्राम कोसरंगी में यह पहल महिलाओं के स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
दरअसल, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बीते दिन आरंग विकासखंड के एलआरसी सेंटर, कोसरंगी का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने ग्राम संगठन की महिलाओं से मुलाकात कर उनकी आजीविका गतिविधियों और कामकाज की जानकारी ली थी।
जन चौपाल के दौरान मीरा एवं राधा ग्राम संगठन की महिलाओं ने मुख्यमंत्री के सामने स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सिलाई मशीन उपलब्ध कराने की मांग रखी थी। महिलाओं ने बताया था कि सिलाई मशीन मिलने से वे घर बैठे रोजगार शुरू कर सकती हैं और अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकती हैं।
महिलाओं की मांग को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मौके पर ही अधिकारियों को जल्द सिलाई मशीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अगले ही दिन महिलाओं को सिलाई मशीनें वितरित कर दीं।
कोसरंगी महिलाओं को मुफ्त सिलाई मशीन वितरण कार्यक्रम आज कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य श्री गुरु सौरभ साहेब और जनपद पंचायत आरंग अध्यक्ष श्रीमती ताकेश्वरी मुरली साहू की उपस्थिति में ग्राम संगठन की महिलाओं को 50 निःशुल्क सिलाई मशीनें सौंपी गईं।
ग्राम कोसरंगी की ग्राम संगठन सदस्य श्रीमती सपना पटेल ने बताया कि जन चौपाल में मुख्यमंत्री के सामने उन्होंने सिलाई मशीन की मांग रखी थी और उन्हें उम्मीद नहीं थी कि इतनी जल्दी यह मांग पूरी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि अगले ही दिन प्रशासन द्वारा सिलाई मशीन मिलने से समूह की महिलाओं में खुशी है।
मीरा ग्राम संगठन की सदस्य श्रीमती यशोदा मांडले ने भी खुशी जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के गांव दौरे के दौरान महिलाओं ने स्वरोजगार के लिए सिलाई मशीन की मांग की थी और अब यह सुविधा मिलने से महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी होने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगी।
कोसरंगी महिलाओं को मुफ्त सिलाई मशीन मिलने के बाद समूह की महिलाओं ने कहा कि यह सिर्फ एक मशीन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत है। इससे महिलाएं सिलाई का काम शुरू कर अपने परिवार की आय बढ़ाने में मदद कर सकेंगी।
महिलाओं ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने उनकी जरूरत को समझते हुए तुरंत निर्णय लिया। इससे यह भरोसा बढ़ा है कि सरकार महिलाओं के स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण को लेकर गंभीर है।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि इस तरह की योजनाओं से ग्रामीण महिलाओं को घर के पास रोजगार के अवसर मिलेंगे और वे छोटे स्तर पर खुद का काम शुरू कर सकेंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को स्वरोजगार के साधन उपलब्ध कराना परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ-साथ सामाजिक बदलाव की दिशा में भी बड़ा कदम है।
कोसरंगी महिलाओं को मुफ्त सिलाई मशीन मिलने के बाद गांव में खुशी का माहौल है और महिलाएं इसे अपने जीवन में नई शुरुआत के रूप में देख रही हैं।



