नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का एक मामला दुर्ग जिले के भिलाई नगर थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां एक युवक को अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा देकर उसके परिवार से 7 लाख 50 हजार रुपए ठग लिए गए। लंबे समय तक नौकरी नहीं लगने और पैसे वापस नहीं मिलने पर पीड़ित परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक यह मामला भिलाई नगर थाना क्षेत्र का है। तालपुरी निवासी राजेंद्र कुमार बंछोर ने 21 मई को थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके परिचित अमनदीप सोढ़ी (36 वर्ष) ने उनके बेटे को अच्छी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था।
शिकायत के अनुसार आरोपी ने कहा था कि छह महीने के भीतर नियुक्ति पत्र मिल जाएगा। इसी भरोसे में आकर परिवार ने आरोपी पर विश्वास किया और अलग-अलग समय पर उसे पैसे देने शुरू कर दिए।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी दुर्ग जिले के धनोरा क्षेत्र में छत्तीसगढ़ कॉलेज के पास रहता है। शिकायत में बताया गया कि 10 जुलाई 2022 से लेकर वर्ष 2024 के बीच आरोपी ने कई बार रकम ली।
पीड़ित परिवार ने पुलिस को बताया कि आरोपी को कुल 7 लाख 50 हजार रुपए नकद दिए गए। शुरुआत में आरोपी लगातार भरोसा दिलाता रहा कि नौकरी की प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही नियुक्ति हो जाएगी।
लेकिन समय बीतता गया और युवक को कोई नौकरी नहीं मिली।
नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के इस मामले में जब पीड़ित परिवार ने आरोपी से पैसे वापस मांगे, तो वह लगातार टालमटोल करने लगा।
परिवार को काफी समय तक उम्मीद थी कि या तो नौकरी मिल जाएगी या पैसे वापस मिल जाएंगे, लेकिन जब दोनों में से कुछ नहीं हुआ, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ।
इसके बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।
भिलाई नगर थाना पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को लेनदेन और अन्य तथ्यों से जुड़े पर्याप्त साक्ष्य मिले।
इसके आधार पर पुलिस ने आरोपी अमनदीप सोढ़ी के खिलाफ अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान लेनदेन से जुड़े दस्तावेज और अन्य कागजात भी जब्त किए गए हैं।
आरोपी को वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने इसी तरह और लोगों को नौकरी का झांसा देकर ठगी तो नहीं की है।
अधिकारियों का कहना है कि नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के मामलों में लोग अक्सर भरोसे में आकर बड़ी रकम दे देते हैं, इसलिए किसी भी नौकरी के नाम पर पैसा देने से पहले पूरी जांच जरूरी है।
यह मामला एक बार फिर बताता है कि नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह और लोग किस तरह लोगों की मजबूरी का फायदा उठाते हैं।



