राजधानी रायपुर में सफाई व्यवस्था को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। शहर के 70 वार्डों में सफाई कार्य का जिम्मा संभालने वाले ठेकेदारों ने बकाया भुगतान नहीं मिलने के विरोध में काम बंद कर नगर निगम प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ठेकेदारों और सफाई कर्मचारियों ने जयस्तंभ चौक में एकत्र होकर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया, जिसके बाद शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
प्रदर्शन कर रहे ठेकेदारों का आरोप है कि नगर निगम की ओर से कई महीनों से उनका भुगतान लंबित रखा गया है। उनका कहना है कि भुगतान नहीं मिलने के बावजूद उन्हें सफाई कर्मचारियों का वेतन, वाहन संचालन और अन्य प्रशासनिक खर्चों का भार उठाना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक संकट गहराता जा रहा है।
ठेकेदारों ने बताया कि उन्होंने पहले ही नगर निगम प्रशासन को अपनी समस्याओं से अवगत कराते हुए अल्टीमेटम दिया था। इसके बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया। उनका आरोप है कि नगर निगम आयुक्त स्तर पर भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया, जिसके चलते उन्हें काम बंद करने का निर्णय लेना पड़ा।
इधर, इस मुद्दे पर रायपुर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था लगातार प्रभावित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले कचरा गाड़ियों का संचालन प्रभावित हुआ और अब सफाई ठेकेदार हड़ताल पर चले गए हैं, जबकि नगर निगम प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारी मौन बने हुए हैं।
आकाश तिवारी ने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो इसका सीधा असर शहरवासियों पर पड़ेगा। उन्होंने नगर निगम प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर सफाई व्यवस्था को सामान्य बनाने की मांग की।
ठेकेदारों की हड़ताल के चलते शहर के विभिन्न वार्डों में नियमित सफाई कार्य प्रभावित होने की संभावना है। यदि स्थिति लंबी चली तो कचरा उठाव और स्वच्छता व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ सकता है।
फिलहाल सभी की नजर नगर निगम प्रशासन पर टिकी हुई है कि वह ठेकेदारों की मांगों को लेकर क्या फैसला लेता है और शहर की सफाई व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए कौन से कदम उठाता है।



