अंबिकापुर में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने योग के व्यापक विस्तार और संस्थागत विकास के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि योग विषय को समाज कल्याण विभाग से चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है, जिससे योग शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान और जनजागरूकता गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योग आयुष पद्धति का एक महत्वपूर्ण अंग है और राज्य सरकार का लक्ष्य इसे गांव-गांव, स्कूलों, कॉलेजों और समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री साय ने विशेष रूप से बच्चों और युवाओं से योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में योग को प्रोत्साहित करने का उद्देश्य केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे एकाग्रता, आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक सोच का भी विकास होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग अब तक योग से नहीं जुड़ पाए हैं, वे आज से इसकी शुरुआत करें। उन्होंने कहा कि जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कभी भी देर नहीं होती और नियमित योगाभ्यास व्यक्ति के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाता है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ योग आयोग के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि प्रदेश में योग के प्रचार-प्रसार में उनका योगदान सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने कहा कि योग को घर-घर तक पहुंचाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ योग आयोग के प्रयासों की भी सराहना की और कहा कि आयोग स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में जनजातीय युवाओं की शिक्षा और भविष्य के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं।
उन्होंने कहा कि हाल ही में जनजातीय वर्ग के 13 युवाओं द्वारा संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करना पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है। राज्य सरकार युवाओं को अवसर, संसाधन और मार्गदर्शन उपलब्ध कराकर उन्हें नेतृत्व के लिए तैयार करने का प्रयास कर रही है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में ब्रह्ममुहूर्त का विशेष महत्व है और इसी समय किया गया योगाभ्यास सर्वाधिक लाभकारी माना जाता है। उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन धरोहर है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से वैश्विक पहचान और सम्मान मिला है।
कार्यक्रम में विधायक प्रबोध मिंज, विधायक रामकुमार टोप्पो, छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर तथा जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष राम किशुन सिंह भी उपस्थित रहे।
इसके अलावा सरगुजा संभाग के कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक झा, आयुष विभाग के संचालक राजेंद्र कुमार कटारा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी और नागरिक कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम के माध्यम से योग को जन-जन तक पहुंचाने, स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने और युवाओं को शिक्षा एवं अवसरों से जोड़ने का संदेश दिया गया।



