बीजापुर जिले के उसूर थाना क्षेत्र अंतर्गत कर्रेगुट्टा पहाड़ी में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान हुए आईईडी विस्फोट में घायल डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के जवानों से उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने रायपुर में मुलाकात की। उन्होंने अस्पताल पहुंचकर घायल जवानों से घटना की जानकारी ली और उनका मनोबल बढ़ाया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने कहा कि शासन और प्रशासन हर परिस्थिति में सुरक्षाबलों के साथ खड़ा है।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने अस्पताल में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों और चिकित्सकों को निर्देश दिए कि घायल जवानों के बेहतर और समुचित उपचार के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इलाज में किसी भी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए और जवानों के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं।
उन्होंने कहा कि नक्सल विरोधी अभियानों में तैनात सुरक्षाबलों के जवान अत्यंत साहस, अनुशासन और समर्पण के साथ देश और प्रदेश की सुरक्षा में जुटे हुए हैं। उनका त्याग और कर्तव्यनिष्ठा अतुलनीय है। राज्य सरकार उनके कल्याण, सुरक्षा और सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।
गौरतलब है कि 25 जनवरी को बीजापुर जिले के उसूर थाना क्षेत्र में तेलंगाना सीमा से लगे कर्रेगुट्टा हिल्स इलाके में सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी। इसी दौरान पहाड़ी क्षेत्र में एक के बाद एक कुल छह आईईडी विस्फोट हुए। इन विस्फोटों की चपेट में आने से डीआरजी के 12 जवान घायल हो गए थे।
घटना के बाद तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। सभी घायल जवानों को प्राथमिक उपचार के बाद एयरलिफ्ट कर रायपुर लाया गया, जहां एक निजी अस्पताल में उनका इलाज किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इनमें से छह जवानों को उपचार के बाद स्वस्थ होने पर अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। शेष घायल जवानों की स्थिति भी लगातार सुधार की ओर है और चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि कर्रेगुट्टा क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से पहले से आईईडी लगाए गए थे। विस्फोटों के बाद इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है और नक्सल गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
राज्य सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि नक्सल हिंसा के खिलाफ अभियान पूरी दृढ़ता के साथ जारी रहेगा और सुरक्षाबलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक संसाधन और सहयोग लगातार उपलब्ध कराया जाएगा।



