ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei की मौत की खबर के बाद रायपुर के मोमिनपारा इलाके में शिया समुदाय के लोगों ने एकत्र होकर श्रद्धांजलि दी और विरोध प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए तथा घटना के विरोध में नारे लगाए। प्रशासन के अनुसार आयोजन के दौरान क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई।
मोमिनपारा में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समुदाय के लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारेबाजी की। विरोध स्वरूप सड़क पर अमेरिका और इजरायल के झंडों की प्रतिकृति चिपकाकर उन पर पैरों के निशान बनाए गए। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए हमले की निंदा की।
इस दौरान कुछ वक्ताओं ने अमेरिकी नेता Donald Trump और इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के खिलाफ बयान दिए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की।
भारत स्थित ईरानी दूतावास ने घटना को लेकर आधिकारिक बयान जारी करते हुए कथित अमेरिकी-इजरायली हमले की निंदा की है। बयान में मौत पर शोक व्यक्त करते हुए विश्व समुदाय से प्रतिक्रिया की अपेक्षा जताई गई है।
वहीं Islamic Revolutionary Guard Corps ने बयान जारी कर बदले की चेतावनी दी है और पश्चिम एशिया में अमेरिकी बलों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई शुरू करने का दावा किया है। ईरानी पक्ष की ओर से जारी वक्तव्य में कहा गया है कि राष्ट्रीय कार्य प्रभावित नहीं होंगे और जनता एकजुट रहेगी।
राजधानी रायपुर में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल तैनात रहा। आयोजन समाप्त होने के बाद क्षेत्र में स्थिति सामान्य रही। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।


