कोरबा जिले में अंतर्जातीय विवाह को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संचालित शासकीय योजना के तहत एक दंपत्ति को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। कोरबा के आदिले चौक पुरानी बस्ती निवासी अभिषेक आदिले और जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम चोरिया की निवासी बबीता देवांगन को अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत कुल 2 लाख 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गई है।
जानकारी के अनुसार अभिषेक आदिले अनुसूचित जाति समुदाय से आते हैं, जबकि बबीता देवांगन अन्य पिछड़ा वर्ग समुदाय से हैं। दोनों ने सामाजिक बाधाओं को पीछे छोड़ते हुए अंतर्जातीय विवाह किया। इस विवाह को दोनों परिवारों का समर्थन भी प्राप्त हुआ, जिससे यह पहल सामाजिक समरसता का उदाहरण बनकर सामने आई है।
आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त कार्यालय, कोरबा द्वारा योजना के तहत स्वीकृत राशि में से एक लाख रुपये दंपत्ति के संयुक्त बैंक खाते में जमा कराए गए हैं। शेष एक लाख पचास हजार रुपये को उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए तीन वर्ष की सावधि जमा के रूप में निवेश किया गया है। अधिकारियों के अनुसार इस आर्थिक सहायता का उद्देश्य दंपत्ति को नए जीवन की शुरुआत में सहयोग प्रदान करना है।
राज्य और केंद्र सरकार द्वारा संचालित अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना का उद्देश्य समाज में जातिगत भेदभाव को कम करना और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देना है। योजना के माध्यम से ऐसे दंपत्तियों को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें प्रोत्साहित किया जाता है, जिन्होंने सामाजिक परंपराओं से आगे बढ़कर विवाह किया है।
अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार की योजनाएं समाज में समानता और आपसी सम्मान की भावना को मजबूत करने में सहायक होती हैं। अभिषेक और बबीता का उदाहरण यह दर्शाता है कि सामाजिक सहयोग और सरकारी योजनाओं के माध्यम से सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।


