रायपुर में पुलिस की कार्यशैली को लेकर इन दिनों आम नागरिकों के बीच असंतोष लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। शहर में नए पुलिस कमिश्नर की नियुक्ति के बाद से ट्रैफिक चालान और जुर्माने की कार्रवाई अचानक तेज हो गई है, जिस पर कई नागरिक सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण पर ध्यान देने के बजाय पुलिस का फोकस अब चालान और राजस्व वसूली पर अधिक दिखाई दे रहा है।
शहर के कई इलाकों में नागरिकों ने आरोप लगाया है कि पुलिसकर्मी ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन की तस्वीरें अपने निजी मोबाइल फोन से लेकर चालान बना रहे हैं। कई मामलों में यह भी शिकायत सामने आई है कि वाहन मालिक की अनुपस्थिति में दुकानों या गैरेज के बाहर खड़े वाहनों की फोटो लेकर भी चालान जारी कर दिए गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार ऐसे वाहन मरम्मत के लिए गैरेज में खड़े होते हैं या अस्थायी रूप से दुकानों के बाहर खड़े किए जाते हैं, लेकिन फिर भी उन पर कार्रवाई कर दी जाती है।
व्यापारियों और वाहन मालिकों का यह भी आरोप है कि पुलिस की टीमें पूरे शहर में घूम-घूमकर वाहनों के नंबर प्लेट की तस्वीरें ले रही हैं। इसके लिए पुलिस वाहन लगातार सड़कों पर गश्त करते देखे जा रहे हैं, जिससे नागरिकों का कहना है कि कानून व्यवस्था से जुड़े अन्य मुद्दों की तुलना में चालान पर अधिक ऊर्जा खर्च की जा रही है। कई नागरिकों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित करना कम और राजस्व बढ़ाना अधिक प्रतीत होता है।
कुछ नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया पर बनाए जा रहे छोटे-मोटे वीडियो या रील ट्रेंड्स को लेकर भी युवाओं के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। लोगों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से पुलिस की प्राथमिकताओं पर सवाल उठ रहे हैं। उनका मानना है कि पुलिस को शहर में बढ़ती चोरी, ठगी और अन्य अपराधों पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस अधिकारी और कर्मचारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभावित करने के लिए अधिक से अधिक चालान करने की कोशिश कर रहे हैं। इससे आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों का कहना है कि इस कारण पुलिस और जनता के बीच विश्वास की दूरी भी बढ़ रही है।
हालांकि पुलिस विभाग का तर्क है कि ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित करना सड़क सुरक्षा के लिए जरूरी है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कानून के तहत की जाती है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सख्ती जरूरी है।
इसके बावजूद शहर में कई नागरिकों का मानना है कि कानून के पालन के साथ-साथ संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है। उनका कहना है कि यदि पुलिस अपराध नियंत्रण और जनसुरक्षा पर समान रूप से ध्यान दे तो इससे जनता का भरोसा भी मजबूत होगा और कानून व्यवस्था भी बेहतर होगी।
रायपुर में बढ़ती इस बहस के बीच अब यह सवाल उठने लगा है कि ट्रैफिक नियमों के पालन को सुनिश्चित करने और नागरिकों की सुविधा के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए, ताकि कानून का उद्देश्य पूरा हो और जनता को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।


