रायपुर में छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा कक्षा 10वीं के वर्ष 2026 के परीक्षा परिणाम घोषित किए जाने के साथ ही इस वर्ष तीन छात्रों ने संयुक्त रूप से राज्य में पहला स्थान हासिल किया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार संध्या नायक, परी रानी प्रधान और अंशुल शर्मा ने 594 अंक प्राप्त कर 99 प्रतिशत के साथ शीर्ष स्थान साझा किया है।
मंडल द्वारा जारी परिणाम में बताया गया कि तीनों छात्रों ने सभी विषयों में उच्च अंक हासिल करते हुए समान स्कोर प्राप्त किया, जिसके कारण उन्हें संयुक्त रूप से प्रथम स्थान दिया गया। संध्या नायक अर्जुन्दा स्थित एकलव्य इंग्लिश स्कूल की छात्रा हैं, जबकि परी रानी प्रधान बलौदा स्थित एकलव्य स्कूल से हैं। अंशुल शर्मा मुंगेली जिले के छात्र हैं, जिन्होंने समान अंक प्राप्त कर टॉप रैंक में स्थान बनाया।
इस वर्ष का परिणाम कई दृष्टियों से उल्लेखनीय रहा है। टॉप 10 सूची में छात्राओं की संख्या अधिक रही, जिससे बोर्ड परीक्षा में छात्राओं के बेहतर प्रदर्शन की प्रवृत्ति एक बार फिर सामने आई है। शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 77.15 रहा, जिसमें लड़कियों का पास प्रतिशत लड़कों की तुलना में अधिक दर्ज किया गया।
मंडल के अधिकारियों के अनुसार परीक्षा परिणाम तैयार करने से पहले सभी उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया गया और आंकड़ों का सत्यापन सुनिश्चित किया गया। परिणाम घोषित होने के बाद छात्रों के लिए अंकसूची ऑनलाइन उपलब्ध करा दी गई है, जिसे रोल नंबर के माध्यम से देखा और डाउनलोड किया जा सकता है।
शिक्षकों के अनुसार शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों ने पूरे वर्ष नियमित अध्ययन, समय प्रबंधन और विषयवार तैयारी पर विशेष ध्यान दिया। परीक्षा की तैयारी के दौरान निरंतर अभ्यास और पाठ्यक्रम की पूर्ण समझ को उनके प्रदर्शन का मुख्य कारण बताया गया है।
परिणाम जारी होने के बाद अब छात्र आगे की पढ़ाई के लिए विषय चयन और प्रवेश प्रक्रिया में शामिल होंगे। वहीं जिन छात्रों के अंक अपेक्षा के अनुरूप नहीं आए हैं, उनके लिए पुनर्मूल्यांकन और पूरक परीक्षा का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा, जिसकी जानकारी मंडल द्वारा अलग से जारी की जाएगी।
इस वर्ष तीन छात्रों का संयुक्त रूप से शीर्ष स्थान प्राप्त करना राज्य के परीक्षा परिणाम में एक महत्वपूर्ण तथ्य के रूप में सामने आया है। शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के परिणाम छात्रों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देते हैं और अन्य विद्यार्थियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करते हैं।


