रायपुर में फर्जी डिग्री और नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी साक्षी सिंह (28) को नई दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोपी मूल रूप से लखनऊ की रहने वाली है और गिरोह के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने का काम करती थी। मामले की शुरुआत 17 फरवरी 2026 को दर्ज शिकायत से हुई, जिसमें पीड़ित ने पोस्ट ऑफिस में नौकरी और मेडिकल डिग्री दिलाने का झांसा देकर 2.34 करोड़ रुपये ठगने की जानकारी दी थी।
शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने पीड़ित और उसके परिजनों को सरकारी नौकरी और मान्यता प्राप्त मेडिकल डिग्री दिलाने का भरोसा दिलाया था। पैसे लेने के बाद न तो नौकरी दिलाई गई और न ही कोई वैध प्रमाणपत्र दिया गया। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और गिरोह के अन्य सदस्यों को पकड़ते हुए मुख्य आरोपी तक पहुंच बनाई।
जांच में सामने आया कि आरोपी साक्षी सिंह डीवाई पाटिल विद्यापीठ के नाम पर फर्जी एमबीबीएस और बीएएमएस डिग्रियां तैयार करती थी। इन दस्तावेजों का उपयोग लोगों को भरोसे में लेने के लिए किया जाता था। पुलिस के अनुसार नकली डिग्रियां इस तरह तैयार की जाती थीं कि वे पहली नजर में वास्तविक प्रतीत हों।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इन उपकरणों में मौजूद डेटा के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों, लेन-देन और नेटवर्क से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह का दायरा कई राज्यों तक फैला हुआ हो सकता है।
पुलिस के अनुसार मामले में आगे भी गिरफ्तारी की संभावना है और संबंधित सभी पहलुओं की जांच जारी है। नागरिकों से अपील की गई है कि नौकरी या डिग्री दिलाने के नाम पर किसी भी प्रकार के लालच से बचें और संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।


