रायपुर के सेंट्रल जेल में एक महिला कैदी द्वारा आत्महत्या के प्रयास का मामला सामने आया है, जिसमें कैदी ने कथित रूप से अपनी कलाई काटने की कोशिश की। घटना कुछ दिन पहले की बताई जा रही है, जिसकी जानकारी अब परिजनों के माध्यम से सामने आई है। मामले में कैदी के परिजनों ने जेल प्रबंधन पर प्रताड़ना और अभद्र व्यवहार के आरोप लगाए हैं, जबकि जेल प्रशासन ने इन आरोपों से इनकार किया है।
जानकारी के अनुसार महिला कैदी आशिमा राव महिला प्रकोष्ठ में बंद है और वह पिछले करीब छह महीने से एक मारपीट के मामले में न्यायिक अभिरक्षा में है। बताया जा रहा है कि उसने जेल के भीतर अपनी कलाई काटकर आत्महत्या का प्रयास किया। घटना के तुरंत बाद जेल प्रशासन द्वारा उसे प्राथमिक उपचार दिया गया, जिसमें उसके हाथ पर आठ टांके लगाए गए। अधिकारियों के अनुसार उसकी स्थिति अब स्थिर है और उसे बाहरी अस्पताल रेफर करने की आवश्यकता नहीं पड़ी।
परिजनों का आरोप है कि आशिमा राव ने घटना से पहले एक पत्र लिखा था, जिसमें उसने जेल के भीतर चेकिंग के नाम पर प्रताड़ना, अपमान और अभद्र व्यवहार की बात कही थी। उनका कहना है कि लगातार मानसिक दबाव और कथित दुर्व्यवहार के कारण वह तनाव में थी, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया। परिजनों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।
वहीं जेल प्रशासन का कहना है कि महिला कैदी के साथ किसी प्रकार की प्रताड़ना नहीं की गई है और लगाए गए आरोप निराधार हैं। अधिकारियों के अनुसार कुछ दिन पहले कैदी के पास से आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई थी, जिसके बाद जेल नियमों के तहत आवश्यक कार्रवाई की गई थी। प्रशासन का दावा है कि इसी कार्रवाई के बाद कैदी ने यह कदम उठाया हो सकता है, हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
घटना के सामने आने के बाद जेल प्रबंधन की कार्यप्रणाली और कैदियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कानूनी जानकारों का कहना है कि ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच आवश्यक होती है, ताकि वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो उसके लिए जिम्मेदारी तय की जा सके।
फिलहाल मामले में आधिकारिक जांच की मांग उठ रही है और दोनों पक्षों के दावों के बीच तथ्य स्पष्ट होने का इंतजार है। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि यदि जांच में कोई भी तथ्य सामने आता है तो उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।


