बलौदाबाजार जिले के पलारी थाना क्षेत्र में दर्ज पर्ल्स एग्रोटेक कॉरपोरेशन लिमिटेड (PACL) से जुड़े चिटफंड ठगी मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कंपनी के दो डायरेक्टरों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे और उन्हें उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से प्रोडक्शन वारंट पर हिरासत में लेकर छत्तीसगढ़ लाया गया है।
पुलिस के अनुसार यह मामला वर्ष 2016 में दर्ज किया गया था, जब प्रार्थी पंचराम साहू की शिकायत पर थाना पलारी में अपराध क्रमांक 471/2016 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 34 तथा छत्तीसगढ़ निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम और प्राइज चिट्स एंड मनी सर्कुलेशन एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि PACL कंपनी के डायरेक्टरों और एजेंटों ने अधिक ब्याज और मुनाफे का लालच देकर लोगों से निवेश करवाया, लेकिन तय अवधि पूरी होने के बाद भी रकम वापस नहीं की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने पहले ही इस मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि कुछ आरोपी फरार थे। फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी थी। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि मामले के दो मुख्य आरोपी उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के उरई जेल में किसी अन्य प्रकरण में बंद हैं।
सूचना के आधार पर पलारी पुलिस ने न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी कर प्रोडक्शन वारंट प्राप्त किया और दोनों आरोपियों गुरनाम सिंह (59 वर्ष), निवासी रोपड़, पंजाब और गुरुजंत सिंह (80 वर्ष), निवासी मोहाली, पंजाब को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कंपनी के माध्यम से निवेशकों को अधिक लाभ का झांसा देकर रकम जुटाने और बाद में भुगतान नहीं करने की बात स्वीकार की।
पुलिस के अनुसार इस पूरे प्रकरण में अब तक कुल 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। मामले में 128 निवेशकों से कुल 38 लाख 18 हजार 310 रुपये की ठगी किए जाने की पुष्टि हुई है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान की जा रही है। उन्होंने कहा कि निवेशकों के साथ ठगी करने वाले आरोपियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य संबंधित पहलुओं की भी जांच की जा रही है।


