छत्तीसगढ़ सरकार ने आज से ‘सुशासन तिहार 2026’ का आयोजन प्रारंभ किया है, जो 10 जून 2026 तक राज्यभर में संचालित होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित इस 41 दिवसीय अभियान का उद्देश्य सरकार के अनुसार सरकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति की समीक्षा करना, नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना और प्रशासन को सीधे जनता से जोड़ना है।
राज्य सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार यह अभियान गत वर्ष भी आयोजित किया गया था और इस वर्ष इसे पुनः व्यापक स्तर पर लागू किया जा रहा है। सरकार का दावा है कि मुख्यमंत्री साय के लगभग ढाई वर्ष के कार्यकाल में किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, तेंदूपत्ता संग्राहकों का पारिश्रमिक 5500 रुपये करने और 70 लाख से अधिक विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता राशि देने जैसे निर्णय लिए गए हैं।
सरकार के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लगभग 18 लाख आवासों की स्वीकृति दी गई है। बस्तर एवं सरगुजा ओलंपिक जैसे आयोजनों के माध्यम से स्थानीय खेल प्रतिभाओं को मंच देने का भी दावा किया गया है। नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति के संदर्भ में सरकार ने 31 मार्च 2026 तक नक्सलमुक्ति के लक्ष्य का उल्लेख किया है, हालांकि इस संबंध में स्वतंत्र सत्यापन उपलब्ध नहीं है।
सुशासन तिहार के दौरान राज्य के सभी जिलों में शिविर एवं कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें नागरिक अपनी शिकायतें और समस्याएं सीधे प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष रख सकेंगे। सरकार का कहना है कि केंद्र और राज्य के समन्वय से विकास योजनाओं को गति मिली है तथा इसका लाभ प्रदेश के लगभग तीन करोड़ नागरिकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।


