रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि किसानों की समृद्धि और उनकी आय बढ़ाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने 27 अक्टूबर को राजधानी रायपुर के सिविल लाइंस स्थित सर्किट हाउस में आयोजित ‘उत्कृष्ट कृषक रत्न सम्मान समारोह’ में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया।
श्रद्धेय मनहरण लाल पाण्डेय की जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र में किसानों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण जीवन में खेती-किसानी की महत्वपूर्ण भूमिका है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने, खेती की लागत कम करने और सिंचाई सहित जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार काम कर रही है।
15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में इस वर्ष धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होगी। किसानों की सुविधा के लिए 360 नए धान खरीदी केंद्र खोलने का निर्णय लिया गया है। नए केंद्र खुलने से किसानों को धान बेचने के लिए लंबी दूरी तय करने की जरूरत कम होगी। साथ ही, मौजूदा खरीदी केंद्रों पर दबाव घटने और किसानों के समय व श्रम की बचत होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि धान खरीदी के दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
सिंचाई परियोजनाओं पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने सिंचाई सुविधाओं के विस्तार को कृषि विकास के लिए जरूरी बताया। उनके अनुसार, पिछले दो वर्षों में राज्य में लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की नई सिंचाई परियोजनाएं शुरू की गई हैं। इसके अलावा, 1,500 पुरानी सिंचाई परियोजनाओं के जीर्णोद्धार के लिए लगभग 2,800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
सरकार के अनुसार, इन परियोजनाओं का काम पूरा होने पर राज्य के सिंचित रकबे में लगभग 76 हजार हेक्टेयर की वृद्धि होने की संभावना है। इंद्रावती नदी पर मटनार और देऊरगांव परियोजनाओं सहित अन्य सिंचाई परियोजनाओं पर भी काम किया जा रहा है।
प्रगतिशील किसानों के योगदान की सराहना
समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान पारंपरिक खेती के साथ नई तकनीकों और नवाचारों को अपनाकर कृषि क्षेत्र में बेहतर काम कर रहे हैं। ऐसे किसानों को सम्मानित करने से दूसरे किसानों को भी उन्नत कृषि पद्धतियां अपनाने की प्रेरणा मिल सकती है।
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की ओर से शुरू की गई किसान क्रेडिट कार्ड योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि कृषि ऋण की सुविधाओं से किसानों को खेती के लिए पूंजी जुटाने में मदद मिली है।
कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए किसान उपस्थित रहे।



