लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने आदेश के जरिए निलंबन की कार्रवाई की। रिपोर्टों में निजी आचरण से जुड़ी शिकायतों और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर उठे सवालों का उल्लेख है; आरोपों का अंतिम निष्कर्ष जांच से तय होगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में उप संचालक के पद पर पदस्थ डॉ. धर्मेंद्र कुमार गहवई को राज्य शासन ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। 23 और 24 अक्टूबर को प्रकाशित खबरों के अनुसार, कार्रवाई में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियमों के उल्लंघन का उल्लेख किया गया है। निलंबन आदेश के बाद इस कदम के आधार और विभागीय प्रक्रिया को लेकर चर्चा शुरू हुई है।
आचरण संबंधी शिकायतों के बाद कार्रवाई
प्रकाशित रिपोर्टों में डॉ. गहवई के खिलाफ बिना कानूनी तलाक के एक से अधिक विवाह किए जाने से जुड़ी शिकायतों का उल्लेख है। कुछ रिपोर्टों में इस मामले में प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी भी दी गई है। ये आरोप और शिकायतें हैं; इनके संबंध में कोई अंतिम न्यायिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
रिपोर्टों में अस्पतालों के निरीक्षण और प्रशासनिक कामकाज को लेकर मिली शिकायतों का भी जिक्र है। हालांकि, प्रत्येक शिकायत के निष्कर्ष, विभागीय जांच की स्थिति और निलंबन आदेश में उल्लिखित सभी आधारों का मूल दस्तावेज उपलब्ध होना आवश्यक है, ताकि कार्रवाई के पूरे दायरे को स्पष्ट रूप से समझा जा सके।
निलंबन अवधि में मुख्यालय संबंधी निर्देश
प्रकाशित जानकारी के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान डॉ. गहवई को नियमानुसार निर्धारित मुख्यालय में उपस्थित रहना होगा। निलंबन अपने आप में किसी आरोप को सिद्ध नहीं करता; यह विभागीय प्रक्रिया का हिस्सा है। आगे की स्थिति संबंधित आदेश, जांच और उपलब्ध कानूनी रिकॉर्ड पर निर्भर करेगी।
कार्रवाई पर उठे सवाल
दूसरी ओर, एक रिपोर्ट में चिकित्सकों से जुड़े संगठन की ओर से निलंबन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए जाने और कार्रवाई को लेकर अलग दृष्टिकोण सामने आने का उल्लेख है। इस पक्ष की पूरी बात, शासन का विस्तृत आदेश और विभागीय जांच का निष्कर्ष उपलब्ध होने पर मामले की स्थिति अधिक स्पष्ट होगी।
स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी के निलंबन के मामले में सार्वजनिक हित की दृष्टि से आदेश का आधार, जांच की निष्पक्षता और संबंधित अधिकारी को अपना पक्ष रखने का अवसर महत्वपूर्ण होगा। प्रकाशित रिपोर्ट में निलंबन की जानकारी दी गई है।



