रायपुर में नकली दवा मामले को लेकर एनएसयूआई ने पुलिस आयुक्त के नाम ज्ञापन सौंपकर सहायक औषधि नियंत्रक संजय नेताम के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। संगठन का कहना है कि मामले में शामिल कारोबारी पहले से न्यायिक रिमांड में हैं, ऐसे में संबंधित अधिकारी से भी समान रूप से पूछताछ की जानी चाहिए।
एनएसयूआई पदाधिकारियों के अनुसार संजय नेताम का नाम इस प्रकरण में संदिग्ध परिस्थितियों में सामने आया है। उनका एक वीडियो भी सार्वजनिक हुआ है, जिसमें वे आरोपियों के साथ दिखाई दे रहे हैं। इस घटना के बाद उन्हें निलंबित किया जा चुका है, लेकिन अब तक उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर संगठन ने सवाल उठाए हैं।
ज्ञापन में कहा गया है कि यदि मामले में निष्पक्ष जांच करनी है, तो सभी संबंधित पक्षों से समान स्तर पर पूछताछ जरूरी है। संगठन का मानना है कि संजय नेताम से पूछताछ होने पर पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं का भी खुलासा हो सकता है।
एनएसयूआई ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच में पारदर्शिता बरती जाए और किसी भी व्यक्ति को उसके पद के आधार पर अलग तरह का व्यवहार न दिया जाए। संगठन ने यह भी कहा कि जांच में देरी से मामले की गंभीरता प्रभावित हो सकती है।
इस मामले में पहले ही सप्लायर और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है। वहीं, ड्रग विभाग और पुलिस द्वारा जांच जारी है।
पुलिस अधिकारियों की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन ज्ञापन मिलने के बाद मामले की समीक्षा की संभावना जताई जा रही है।
फिलहाल यह मामला जांच के दायरे में है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर तय की जाएगी।


