छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ओसियन गांजा सप्लाई नेटवर्क के मामले में पुलिस ने 14 अप्रैल को दूसरे आरोपी मोहित पाल को गिरफ्तार किया है। इससे पहले 11 अप्रैल की रात करीब 9:40 बजे पुलिस ने जोगी बंगला क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए रितिक पसरिचा को मादक पदार्थ बेचते हुए गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान सामने आया कि इस नेटवर्क में रितिक के साथ मोहित पाल और कुलदीप पाल भी शामिल हैं, जिसके बाद पुलिस दोनों की तलाश में जुटी हुई थी।
पुलिस को सूचना मिली कि मोहित पाल दिल्ली से रायपुर पहुंचा है, जिसके आधार पर टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। वहीं, इस मामले में तीसरा आरोपी कुलदीप पाल अभी भी फरार है और उसकी तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार सभी आरोपी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के निवासी हैं, जो रायपुर के मोवा और अशोका हाईट्स जैसे इलाकों में रहकर नशीले पदार्थों की सप्लाई कर रहे थे।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी दिल्ली से कुरियर के माध्यम से ‘ओसियन गांजा’ और अन्य मादक पदार्थ रायपुर मंगवाते थे। इन पार्सलों को रितिक पसरिचा यहां रिसीव करता था और फिर स्थानीय स्तर पर युवक-युवतियों को सप्लाई करता था। पुलिस के अनुसार यह नेटवर्क संगठित तरीके से काम कर रहा था, जिसमें अलग-अलग भूमिकाओं में आरोपी सक्रिय थे।
पूछताछ के दौरान मोहित पाल ने भी स्वीकार किया है कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर दिल्ली से गांजा मंगवाने और उसकी सप्लाई करने में शामिल था। इस खुलासे के बाद पुलिस अब संबंधित कुरियर कंपनियों से भी पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क के जरिए कितनी बार और कितनी मात्रा में मादक पदार्थ भेजे गए।
पुलिस इस मामले में फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक की जांच कर रही है, जिससे पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके। अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान भी की जा रही है और जल्द ही और गिरफ्तारियां संभव हैं।
प्रारंभिक जांच से यह स्पष्ट हुआ है कि नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए अब नए तरीकों का उपयोग किया जा रहा है, जिसमें कुरियर सेवा का इस्तेमाल प्रमुख रूप से किया जा रहा है। फिलहाल पुलिस ने दोनों गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए पेश किया है और फरार आरोपी की तलाश जारी है।


