भारत में हेल्दी स्नैकिंग और न्यूट्रिशन फूड की बढ़ती मांग के बीच NFP Sampoorna Foods Limited खुद को तेजी से उभरती फूड प्रोसेसिंग कंपनियों में स्थापित करने की कोशिश कर रही है। कंपनी का कारोबार मुख्य रूप से ड्राई फ्रूट्स की खरीद, आयात, प्रोसेसिंग, ग्रेडिंग, पैकेजिंग और वितरण से जुड़ा हुआ है।
कंपनी प्रीमियम काजू, मखाना, बादाम और अखरोट जैसे उत्पादों पर फोकस कर रही है। शुरुआती दौर में NFP Sampoorna Foods का मुख्य कारोबार काजू प्रोसेसिंग पर आधारित था। कंपनी अफ्रीकी देशों के चयनित फार्म्स से कच्चे काजू की खरीद करती है, जिन्हें प्रोसेस कर अलग-अलग ग्रेड के काजू कर्नल तैयार किए जाते हैं।
कंपनी की रणनीति अब केवल पारंपरिक ड्राई फ्रूट कारोबार तक सीमित नहीं रही। पिछले दो वर्षों में कंपनी ने हेल्थ फूड कैटेगरी में भी अपनी मौजूदगी बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। वर्ष 2024 में कंपनी ने मखाना सेगमेंट में प्रवेश किया, जबकि 2025 में बादाम और अखरोट को भी अपने पोर्टफोलियो में शामिल किया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में फिटनेस, हेल्दी डाइट और प्रोटीन आधारित स्नैकिंग की बढ़ती जागरूकता के चलते ड्राई फ्रूट और हेल्थ फूड बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है। इसी ट्रेंड को देखते हुए कई कंपनियां इस सेक्टर में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही हैं।
NFP Sampoorna Foods अपने उत्पादों की बिक्री केवल रिटेल ग्राहकों तक सीमित नहीं रखती। कंपनी B2B, B2C, संस्थागत खरीदारों और सरकारी सप्लाई नेटवर्क के जरिए भी कारोबार कर रही है। इस मल्टी-चैनल डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल से कंपनी को बाजार में व्यापक पहुंच बनाने में मदद मिल रही है।
कंपनी के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम 2025 में देखने को मिला, जब NFP Sampoorna Foods ने Yashvardhan Food Industries Private Limited का अधिग्रहण किया। यह डील शेयर स्वैप व्यवस्था के तहत की गई थी। माना जा रहा है कि इस अधिग्रहण से कंपनी की प्रोसेसिंग क्षमता और ऑपरेशनल नेटवर्क को मजबूती मिल सकती है।
हालांकि तेजी से बढ़ते कारोबार के साथ कुछ महत्वपूर्ण जोखिम भी जुड़े हुए हैं। कंपनी का व्यवसाय काफी हद तक कच्चे काजू की मौसमी उपलब्धता पर निर्भर माना जाता है। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे माल की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव होता है, तो इसका सीधा असर कंपनी के मार्जिन और मुनाफे पर पड़ सकता है।
इसके अलावा गुणवत्ता वाले कच्चे माल की सप्लाई में किसी प्रकार की बाधा उत्पादन प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। फूड प्रोसेसिंग और ड्राई फ्रूट इंडस्ट्री में पहले से कई संगठित और असंगठित खिलाड़ी मौजूद हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा भी काफी अधिक बनी हुई है।
विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि आयात नीति, खाद्य सुरक्षा नियमों या अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़े नियामकीय बदलाव भविष्य में कंपनी के संचालन पर असर डाल सकते हैं।
फिर भी भारत में हेल्दी फूड कैटेगरी की लगातार बढ़ती मांग NFP Sampoorna Foods जैसी कंपनियों के लिए बड़े अवसर पैदा कर रही है। आने वाले समय में निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी बढ़ती प्रतिस्पर्धा, कच्चे माल की लागत और सप्लाई चेन चुनौतियों के बीच अपने विस्तार को किस तरह संतुलित करती है।



