कबीरधाम जिले के ऐतिहासिक भोरमदेव मंदिर में आज राज्यपाल Ramen Deka ने पूजा-अर्चना कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया। धार्मिक विधि-विधान और मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने जलाभिषेक किया और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की।
राज्यपाल के साथ पंडरिया विधायक Bhavana Bohra भी मौजूद रहीं। उन्होंने भी मंदिर में पूजा कर आशीर्वाद प्राप्त किया। सुबह से ही मंदिर परिसर में प्रशासनिक तैयारियां और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई थी। राज्यपाल के दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।
भोरमदेव मंदिर परिसर में पूजा के बाद राज्यपाल ने मंदिर की स्थापत्य कला और प्राकृतिक वातावरण की सराहना की। उन्होंने कहा कि भोरमदेव केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत की महत्वपूर्ण पहचान भी है। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं।
राज्यपाल ने भोरमदेव कॉरिडोर परियोजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि करीब 146 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रहा कॉरिडोर इस क्षेत्र के पर्यटन को नई दिशा देगा। उनके मुताबिक परियोजना पूरी होने के बाद यहां आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
उन्होंने कहा कि पर्यटन विकास का सीधा असर आसपास के गांवों और स्थानीय व्यापार पर भी पड़ता है। इससे हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पाद और स्थानीय संस्कृति को पहचान मिलने की संभावना बढ़ती है। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी राज्यपाल को कॉरिडोर से जुड़े विकास कार्यों की जानकारी दी।
भोरमदेव मंदिर को छत्तीसगढ़ का ‘खजुराहो’ भी कहा जाता है। मंदिर की प्राचीन वास्तुकला और पहाड़ी क्षेत्र में स्थित प्राकृतिक वातावरण इसे पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाते हैं। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक यहां पहुंचते हैं।
दौरे के दौरान कलेक्टर गोपाल वर्मा, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मंदिर परिसर में स्थानीय लोगों की भीड़ भी देखने को मिली। राज्यपाल के दौरे के चलते आसपास के मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई थी।



