रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में शुक्रवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के तीन प्रशिक्षु अधिकारियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सौजन्य मुलाकात कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। तीनों अधिकारी वर्तमान में छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी, निमोरा में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं और जिला प्रशिक्षण पर रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे थे।
मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को प्रशासनिक सेवा में चयन के लिए बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रशासनिक सेवा जनसेवा का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि एक प्रशासनिक अधिकारी के निर्णय सीधे तौर पर आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, इसलिए प्रत्येक निर्णय में जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन संवेदनशीलता, निष्पक्षता और समर्पण के साथ करें। उन्होंने कहा कि किसी भी अधिकारी के लिए जमीनी स्तर पर लोगों के बीच जाना और उनकी समस्याओं को समझना बेहद आवश्यक है। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान को समाज और आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए उपयोग करने पर जोर दिया।
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विशेषताओं की भी जानकारी साझा की। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि छत्तीसगढ़ संभावनाओं से भरा प्रदेश है, जहां के लोग सरल, मेहनती और आत्मीय स्वभाव के हैं। उन्होंने प्रदेश में तेजी से विकसित हो रही कनेक्टिविटी, पर्यटन की संभावनाओं, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हुए बदलाव और राज्य की विकास यात्रा से भी अधिकारियों को अवगत कराया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ईमानदारी और निष्ठा के साथ लिया गया हर निर्णय समाज और प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने अधिकारियों को अपने कार्यकाल के दौरान निरंतर सीखते रहने और मानवीय दृष्टिकोण अपनाकर काम करने की सलाह दी।
प्रशिक्षु अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें बस्तर संभाग के सुकमा और बीजापुर जिलों के अलावा सरगुजा संभाग के जशपुर, सरगुजा और कोरिया जिलों का भ्रमण करने का अवसर मिला। इस दौरान उन्होंने स्थानीय संस्कृति, जनजीवन, विकास गतिविधियों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का अध्ययन किया। अधिकारियों ने मां दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन करने के अनुभव भी साझा किए।
अधिकारियों ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता, जनजातीय परंपराएं और यहां के लोगों का आत्मीय व्यवहार उन्हें विशेष रूप से प्रभावित कर गया। उन्होंने प्रशासनिक सेवा को जनहित में कार्य करने का महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाने की बात कही।
मुलाकात के दौरान अधिकारियों ने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी, प्रशिक्षण और प्रशासनिक सेवा से जुड़े अपने अनुभव भी साझा किए। मुख्यमंत्री ने उन्हें अपने सार्वजनिक जीवन के अनुभवों से अवगत कराते हुए समाज के प्रति जवाबदेही और सेवा भावना बनाए रखने का संदेश दिया।
उल्लेखनीय है कि प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी श्री गोकुल आर. के., श्री वी. यशवंत नायक और श्री ईशांत जायसवाल को छत्तीसगढ़ कैडर आवंटित हुआ है। वर्तमान में वे छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी, निमोरा में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। जिला प्रशिक्षण पर भेजे जाने से पहले उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के महानिदेशक एवं अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, संचालक श्री टी.सी. महावर तथा संयुक्त संचालक श्री प्रणव सिंह भी उपस्थित थे।



