स्वतंत्रता दिवस पर छत्तीसगढ़ पुलिस को मिले 141 वीरता पदक, वहीं उत्तराखंड टनल हादसे में राज्य के दो मजदूरों की मौत; जानिए प्रदेश की तमाम बड़ी खबरें।
रायपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पुलिस पदकों का ऐलान करते हुए राज्य के पुलिस अधिकारियों और जवानों के लिए 141 वीरता पदकों की घोषणा की है। यह सम्मान मुख्य रूप से राज्य के नक्सल प्रभावित इलाकों में चलाए जा रहे ऑपरेशनों और चुनौतीपूर्ण पुलिसिंग में दिए गए योगदान के लिए प्रदान किया गया है। घोषित सूची के अनुसार, वीरता पदक पाने वाले प्रमुख आईपीएस अधिकारियों में पी. सुंदरराज, इंदिरा कल्याण एलेसेला, स्मृति राजनाला, संदीप पटेल और रॉबिन्सन गुड़िया शामिल हैं। इसके अलावा, आईपीएस अधिकारी एम.एल. कोटवानी को विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पदक दिए जाने की घोषणा की गई है, जबकि सराहनीय सेवाओं के लिए अन्य पुलिस अधिकारियों का चयन किया गया है।
उत्तराखंड टनल हादसे में छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की मौत
इस बीच उत्तराखंड के पीपलकोटी में स्थित विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की टनल में हुए हादसे से छत्तीसगढ़ के मजदूरों के परिवारों में शोक की लहर है। टनल में अचानक आए मलबे और पानी के कारण छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों लोकेश्वर और भुनेश्वर की मौत हो गई, जबकि घायल मजदूरों सुनील दीवान और पेन सिंह का इलाज जारी है। घायल सुनील दीवान ने बताया कि वे टनल में सरिया बांधने का काम कर रहे थे, तभी करीब 150 मीटर दूर तेज भूस्खलन हुआ और पानी, पत्थर व मलबा तेजी से अंदर आने लगा। दबाव इतना तेज था कि कई मजदूर दूर जा गिरे और कुछ मलबे में दब गए।
हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: सीनियरिटी से नहीं मिलेगा प्रभारी पद
बिलासपुर में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने डीईओ (DEO) और बीईओ (DEO/BEO) के प्रभारी पद को लेकर चल रहे विवाद पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि केवल वरिष्ठता के आधार पर किसी अधिकारी को ऊंचे पद का प्रभार पाने का अधिकार नहीं मिल सकता। यह मामला गरियाबंद में एक जूनियर अधिकारी राजेश चंद्राकर को प्रभारी डीईओ बनाए जाने के खिलाफ बीईओ किशुन लाल मातवाले द्वारा दायर याचिका से जुड़ा था, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि प्रभारी नियुक्ति एक अस्थायी प्रशासनिक व्यवस्था है और अधिकारी की कार्यशैली व उपयुक्तता को देखकर सरकार फैसला ले सकती है।
हथकरघा संघ यूनिफॉर्म कपड़ा घोटाला और कार्रवाई
छत्तीसगढ़ राज्य हथकरघा संघ में स्कूली बच्चों की यूनिफॉर्म के कपड़े को लेकर बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। हैदराबाद की कंपनी मारुति कोटेक्स लिमिटेड को रंगाई के लिए 65.06 लाख मीटर कपड़ा भेजा गया था, लेकिन वापस आए माल में करीब 60 हजार मीटर कपड़ा कतरन निकला जिससे यूनिफॉर्म तैयार नहीं हो सकती थी। इस मामले में तत्कालीन गोदाम प्रभारी रामकिशुन देवांगन को निलंबित कर दिया गया है, जबकि एक तकनीकी कर्मचारी की सेवा समाप्त कर दी गई है। हथकरघा संघ ने हैदराबाद की कंपनी से 22.42 लाख रुपये की वसूली का नोटिस भी जारी किया है।
ट्रेनी आईपीएस रिश्वत मामला और सरगुजा पुलिस की कार्रवाई
सरगुजा क्षेत्र में ट्रेनी आईपीएस और अंबिकापुर सीएसआई राहुल बंसल पर लगे रिश्वत के आरोपों के बीच पुलिस विभाग ने सख्त एक्शन लिया है। वायरल ऑडियो के आधार पर एएसआई प्रवीण कुमार राठौर और कांस्टेबल अंशुल शर्मा को पुलिस लाइन अटैच कर दिया गया है। यह मामला साइबर ठगी से जुड़े एक प्रकरण में 1 करोड़ रुपये की रिश्वत के सौदे और हवाला के जरिए रकम पहुंचाने के आरोपों से जुड़ा है, जिसकी जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
विधानसभा भर्ती विवाद और ग्रीन स्टील निवेश
छत्तीसगढ़ विधानसभा सचिवालय की 2019 की वर्ग-3 और वर्ग-4 भर्ती प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में आ गई है। प्राथमिक मेरिट सूची तैयार होने के बाद भी चयन प्रक्रिया आगे न बढ़ाकर अस्थायी नियुक्तियां करने और अधिकारियों-कर्मचारियों के रिश्तेदारों को फायदा पहुंचाने के आरोप लगे हैं, जिस पर विधानसभा सचिव दिनेश शर्मा ने आरोपों को खारिज करते हुए प्रक्रिया को अंतिम चरण में बताया है। दूसरी ओर, राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए आयोजित ‘ग्रीन स्टील डायलॉग’ के दौरान 13,840 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को आकर्षित किया गया है।



