कोरिया जिले के सोनहत थाना क्षेत्र के नौगई गांव में मंगलवार देर रात हुई हिंसक घटना में भाजपा नेता और पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष भारत सिंह उर्फ लल्ला सिंह समेत तीन लोगों की मौत हो गई। घटना को लेकर रेत खदान संचालन और परिवहन से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे विवाद को प्रमुख वजह माना जा रहा है। मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार घटना सोनहत थाना क्षेत्र के नौगई गांव में हुई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि क्षेत्र में रेत खदान संचालन और रेत परिवहन को लेकर दो पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के बीच मंगलवार रात दोनों पक्षों का आमना-सामना हुआ, जिसके बाद स्थिति हिंसक हो गई।
मृतकों में भाजपा नेता भारत सिंह उर्फ लल्ला सिंह, नागेंद्र सिंह और वीरेंद्र सिंह शामिल हैं। वीरेंद्र सिंह ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं घटना में घायल मयंक सिंह का बिलासपुर के अपोलो अस्पताल में उपचार जारी है। बताया गया है कि उनके सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं।
परिजनों का आरोप है कि भारत सिंह विवाद के समाधान के लिए बातचीत करने पहुंचे थे, जहां पहले से योजना बनाकर उन्हें घेर लिया गया। आरोप है कि जिस फॉर्च्यूनर वाहन में वे सवार थे, उसे आगे और पीछे से भारी वाहनों की मदद से रोक दिया गया और बाद में वाहन में आग लगा दी गई। हालांकि पुलिस का कहना है कि वाहन में आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
मामले में पुलिस ने अक्षत त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और मन्नू त्रिपाठी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने नौ नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। फरार आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमों को लगाया गया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेशा चौबे ने बताया कि प्रारंभिक जांच में रेत खनन से जुड़े पुराने विवाद की बात सामने आई है। उन्होंने बताया कि मंगलवार रात लगभग साढ़े नौ से दस बजे के बीच दोनों पक्षों के लोग मौके पर पहुंचे थे, जहां विवाद के बाद मारपीट और हिंसा की घटना हुई। इसी दौरान फॉर्च्यूनर वाहन में आग लग गई। पुलिस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रही है।
सोनहत थाना प्रभारी विनोद पासवान ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच पूर्व से विवाद चला आ रहा था और इससे जुड़े मामले पहले भी दर्ज किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि एक पक्ष का संबंध भारत सिंह से था, जो क्रशर संचालन से जुड़े थे, जबकि दूसरा पक्ष ट्रिपाठी परिवार से जुड़ा बताया जा रहा है। हाल के दिनों में दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ने की भी जानकारी पुलिस को मिली थी।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों द्वारा लगातार क्षेत्र की निगरानी की जा रही है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
इस घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। स्थानीय विधायक भैयालाल राजवाड़े ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि जिले के इतिहास में इस तरह की घटना अत्यंत गंभीर है और पूरे मामले की सच्चाई जांच के बाद सामने आएगी। पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने भी घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी घटना पर संज्ञान लेते हुए कहा है कि मामले में गिरफ्तारियां की गई हैं और जांच जारी है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस आग लगने की परिस्थितियों, विवाद की पृष्ठभूमि और घटना में शामिल सभी व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।



