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जगदलपुर स्थित पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी सभागार (टाउन हॉल) में सोमवार को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में कुल 17 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे। विवाह की पारंपरिक रस्में मंत्रोच्चार और शहनाई की धुन के बीच संपन्न हुईं, जहां नवविवाहित जोड़ों ने एक-दूसरे के साथ जीवनभर साथ निभाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव ने नवदंपत्तियों को आशीर्वाद दिया। उन्होंने अक्षत और पुष्प वर्षा कर सभी जोड़ों के सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की। समारोह में बड़ी संख्या में परिजन, स्थानीय नागरिक और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
इस बार के सामूहिक विवाह समारोह की विशेष बात यह रही कि इसमें दो पुनर्वासित पूर्व नक्सली दंपत्तियों ने भी भाग लिया। नारायणपुर जिले में आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा से जुड़े इन दंपत्तियों में पिलसाय सलाम और सिरबत्ती तथा पतिराम और मनाय कश्यप शामिल रहे। दोनों जोड़ों ने गृहस्थ जीवन की नई शुरुआत करते हुए समाज के साथ आगे बढ़ने का संकल्प लिया।
विधायक किरण सिंह देव ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के माध्यम से ऐसे प्रयास बस्तर में शांति और सामाजिक समरसता को मजबूत करने में सहायक साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यधारा में लौट रहे लोगों को समाज में सम्मानजनक जीवन मिले, इसके लिए सरकार विभिन्न स्तरों पर कार्य कर रही है।
अपने संबोधन में विधायक ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों का सम्मानपूर्वक विवाह सुनिश्चित करना समाज और शासन दोनों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। सामूहिक विवाह योजना ऐसे परिवारों को सहयोग प्रदान करने के साथ-साथ सामाजिक एकजुटता को भी मजबूत करती है।
उन्होंने कहा कि योजना का लाभ प्रदेश के विभिन्न जिलों में जरूरतमंद परिवारों तक पहुंच रहा है और इससे विवाह के दौरान आने वाले आर्थिक बोझ में कमी आती है। उनके अनुसार सामूहिक विवाह केवल एक सामाजिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक सहयोग और भागीदारी का उदाहरण भी है।
कार्यक्रम में शामिल नवविवाहित जोड़ों को वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं देते हुए जनप्रतिनिधियों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह के दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह की सभी प्रमुख रस्में संपन्न कराई गईं।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी, नगर निगम सभापति खेमसिंह देवांगन, जनपद पंचायत अध्यक्ष पदलाम नाग, उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम कश्यप और पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में नवविवाहित जोड़ों के परिजनों और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भी भाग लिया।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित इस सामूहिक विवाह समारोह को बस्तर क्षेत्र में सामाजिक समरसता, पुनर्वास और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।



