रायपुर में नवा रायपुर में करेंसी डिस्ट्रीब्यूशन की व्यवस्था विकसित करने की दिशा में पहल शुरू हो गई है। इसी सिलसिले में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के रायपुर कार्यालय के महाप्रबंधक मनीष पराशर ने बुधवार को वित्त मंत्री ओपी चौधरी से उनके रायपुर स्थित निवास पर मुलाकात की। प्रभारी अधिकारी का कार्यभार संभालने के बाद हुई इस मुलाकात में छत्तीसगढ़ में बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं के विस्तार, मुद्रा प्रबंधन तथा RBI से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।
नागपुर से नवा रायपुर तक करेंसी डिस्ट्रीब्यूशन की व्यवस्था
बैठक में वर्तमान में नागपुर से होने वाले करेंसी डिस्ट्रीब्यूशन को नवा रायपुर में स्थापित करने की दिशा में चल रही पहल पर विशेष रूप से चर्चा हुई। नवा रायपुर में यह व्यवस्था विकसित होने से राज्य में बैंकों तक मुद्रा की आपूर्ति और मुद्रा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
RBI के महाप्रबंधक मनीष पराशर ने वित्त मंत्री को राज्य में बैंकिंग सेवाओं और मुद्रा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
खराब नोटों का स्थानीय स्तर पर होगा प्रसंस्करण
मुलाकात के दौरान रायपुर स्थित RBI कार्यालय में हाल ही में शुरू की गई खराब और प्रचलन से बाहर हो चुके नोटों के स्थानीय प्रसंस्करण की व्यवस्था के बारे में भी जानकारी दी गई।
इस सुविधा के तहत बैंकों और अन्य माध्यमों से प्रचलन से वापस आने वाले अनुपयोगी तथा खराब नोटों का प्रसंस्करण अब रायपुर में ही किया जा सकेगा। इससे ऐसे नोटों को आगे की प्रक्रिया के लिए दूसरे शहरों तक भेजने की आवश्यकता कम होगी और मुद्रा प्रबंधन की व्यवस्था स्थानीय स्तर पर मजबूत होगी।
RBI की नई आवासीय परियोजना पर भी चर्चा
बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक की प्रस्तावित नई आवासीय परियोजना और उससे जुड़े विभिन्न विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने RBI अधिकारियों से इन पहलों की जानकारी ली और राज्य शासन की बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ी अपेक्षाएं साझा कीं। उन्होंने छत्तीसगढ़ में बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए RBI तथा राज्य शासन के बीच निरंतर सहयोग और बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।
मुलाकात के दौरान प्रदीप गोंधुले, अमरेन्द्र गुप्ता और अमितेश सिंह भी मौजूद रहे।



