रायपुर। भारत सरकार के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ में सितंबर माह को राष्ट्रीय पोषण माह के रूप में जनभागीदारी के साथ मनाया जाएगा। इस वर्ष पोषण माह का मुख्य विषय ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ रखा गया है। इसे लेकर हुई बैठक में बच्चों, महिलाओं, गर्भवती एवं शिशुवती माताओं और किशोरियों के पोषण स्तर में सुधार के लिए विभागीय गतिविधियों और आपसी समन्वय पर चर्चा की गई।
पोषण माह के दौरान आहार में विविधता और पर्याप्त प्रोटीन के सेवन को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा। आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को ताजा और गरम पका हुआ भोजन उपलब्ध कराने, सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने तथा बाल विकास के लिए पोषण और प्रारंभिक उद्दीपन से जुड़ी गतिविधियां संचालित करने की योजना है।
मातृ स्वास्थ्य से जुड़े विषयों में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से मिलने वाले नकद अंतरण की जानकारी भी महिलाओं तक पहुंचाई जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि पोषण से जुड़ी योजनाओं को अलग-अलग चलाने के बजाय उन्हें आपस में जोड़कर व्यापक स्तर पर काम करने की जरूरत है।
बैठक में आंगनवाड़ी केंद्रों के साथ पंचायतों, विद्यालयों और समुदाय के स्तर पर पोषण जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने पर जोर दिया गया। अधिक से अधिक लोगों को इन गतिविधियों से जोड़ने और पोषण को जनभागीदारी से जुड़े अभियान का स्वरूप देने के निर्देश दिए गए।
कई विभाग मिलकर करेंगे गतिविधियां
पोषण माह के कार्यक्रमों में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, कृषि, उद्यानिकी, नगरीय प्रशासन, खेल एवं युवा कल्याण, स्कूल शिक्षा, जनसंपर्क, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, अनुसूचित जाति विकास, आदिम जाति कल्याण, कौशल विकास सहित कई विभागों की भागीदारी रहेगी।
इसके अलावा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और आयुष विभाग के प्रतिनिधि भी गतिविधियों में सहयोग करेंगे। सभी विभागों को अपनी भूमिका के अनुसार कार्यक्रमों को आपस में जोड़कर संचालित करने पर जोर दिया गया है।
पोषण ट्रैकर से होगी डिजिटल निगरानी
पोषण माह के दौरान समुदाय आधारित गतिविधियों के साथ डिजिटल निगरानी पर भी ध्यान दिया जाएगा। आंगनवाड़ी केंद्रों से जुड़े विभिन्न पोषण संकेतकों की निगरानी पोषण ट्रैकर के माध्यम से की जा रही है। इससे पोषण से जुड़ी गतिविधियों और केंद्रों की प्रगति की डिजिटल जानकारी उपलब्ध होगी।
अधिकारियों से प्रत्येक विभाग की ओर से नोडल अधिकारी नामांकित करने को कहा गया है। नोडल अधिकारी अपने विभाग की गतिविधियों के संचालन के साथ दूसरे विभागों के साथ समन्वय भी सुनिश्चित करेंगे।
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि पोषण माह के सभी कार्यक्रम तय समयसीमा में प्रभावी तरीके से संचालित हों और आंगनवाड़ी केंद्रों से लेकर पंचायत एवं समुदाय स्तर तक इनकी पहुंच सुनिश्चित की जाए।



