महासमुंद जिले के बारनवापारा परियोजना मंडल क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण अभियान के तहत वन विभाग ने अवैध शिकार के एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। वन विभाग का कहना है कि मामले में अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम द्वारा वन्यजीव संरक्षण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत बारनवापारा परियोजना मंडल के बार परिक्षेत्र के अंतर्गत बसना सर्किल के लारीपुर बीट में दर्ज वन्यजीव अपराध के मामले की जांच की जा रही थी।
अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान मिले साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर मनोहर यादव (32 वर्ष) निवासी ग्राम पड़कीपाली की संलिप्तता सामने आई। इसके बाद वन विभाग की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
वन विकास निगम के अधिकारियों ने बताया कि बारनवापारा क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। अवैध शिकार, वन्यजीवों के अंगों की तस्करी और अन्य वन अपराधों को रोकने के लिए लगातार गश्त और विशेष अभियान संचालित किए जा रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीव अपराधों के मामलों में निगम ने जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में भी जांच का दायरा बढ़ाया गया है और कुछ अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। जांच में नए तथ्य सामने आने पर आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
वन विभाग ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। विभाग का कहना है कि यदि किसी क्षेत्र में वन्यजीवों के शिकार, तस्करी या अन्य संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिले तो उसकी सूचना तुरंत वन अधिकारियों को दी जानी चाहिए।
अधिकारियों ने कहा कि वन्यजीवों का अवैध शिकार केवल कानूनी अपराध ही नहीं बल्कि पर्यावरण और जैव विविधता के लिए भी गंभीर खतरा है। वन्यजीवों की सुरक्षा और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए समाज के सभी वर्गों का सहयोग आवश्यक है।



