बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र में पुलिस ने रात गश्त के दौरान मिले जेवरात और कपड़ों से भरे बैग को उसके वास्तविक मालिक तक पहुंचाकर लौटाया। यह घटना 21 अप्रैल 2026 की देर रात की है, जब शिवघाट के पास एक बैग लावारिस हालत में मिला था।
पुलिस के अनुसार झारखंड के पलामू जिले के हैदर नगर निवासी 27 वर्षीय शेख आलमगीर बिलासपुर अपने ससुराल आए हुए थे। 21 अप्रैल की रात करीब 1:30 बजे वे बस से उतरने के बाद अनजाने में अपना बैग शिवघाट के पास ही छोड़कर चले गए। बैग में सोने-चांदी के जेवरात और कपड़े रखे हुए थे, जिसकी अनुमानित कीमत करीब तीन लाख रुपये बताई गई है।
उसी दौरान क्षेत्र में रात्रि गश्त कर रही सरकंडा पुलिस को बैग मिलने की सूचना मिली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बैग को अपने कब्जे में लिया और उसे सुरक्षित थाना लाया गया। इसके बाद बैग के मालिक की पहचान के लिए आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए।
सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण के आधार पर बैग के मालिक की पहचान शेख आलमगीर के रूप में हुई। पुलिस ने उनसे संपर्क कर उन्हें थाना बुलाया। सत्यापन के बाद उनके सामने बैग का ताला खुलवाया गया, जिसमें रखे जेवरात और अन्य सामान सुरक्षित पाए गए।
बैग में रखे आभूषण और अन्य वस्तुएं सुरक्षित मिलने पर शेख आलमगीर ने पुलिस का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि बैग खोने के बाद उन्हें काफी चिंता हो रही थी, लेकिन पुलिस की तत्परता से उन्हें उनका सामान वापस मिल गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस तरह की घटनाओं में तत्काल कार्रवाई और तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर वास्तविक मालिक तक सामान पहुंचाना प्राथमिकता होती है। इस मामले में भी गश्त कर रही टीम की सतर्कता और सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण से बैग मालिक तक पहुंचना संभव हो सका।
फिलहाल इस कार्रवाई को स्थानीय स्तर पर सराहा जा रहा है और इसे पुलिस की जिम्मेदारी और सतर्कता का उदाहरण बताया जा रहा है।


