रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित योग शिविर में राज्यपाल रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश का वाचन किया और उपस्थित लोगों के साथ सामूहिक योगाभ्यास में भाग लिया।
बारहवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, विद्यार्थी, वरिष्ठ नागरिक और विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए। योगाभ्यास कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में स्वास्थ्य, संतुलन और सकारात्मक जीवनशैली का संदेश दिया गया।
अपने संबोधन में राज्यपाल रमेन डेका ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि पूरा प्रदेश सामूहिक योगाभ्यास के माध्यम से स्वास्थ्य और जागरूकता का संदेश जन-जन तक पहुंचा रहा है। उन्होंने प्रदेशवासियों के स्वस्थ, सुखी और समृद्ध जीवन की कामना की।
राज्यपाल ने लोगों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों को योग की आदत विकसित करने पर जोर देते हुए कहा कि इससे उनका मानसिक और शारीरिक विकास बेहतर होगा तथा वे भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बन सकेंगे।
उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मन, विचार और भावनाओं को भी संतुलित करता है। योग व्यक्ति के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता है और वर्तमान जीवनशैली में इसकी प्रासंगिकता लगातार बढ़ी है।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर में पौधरोपण भी किया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और पर्यावरण संरक्षण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की।
योग शिविर में विधायक पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा और सुनील सोनी सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य सचिव विकास शील, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, पुलिस कमिश्नर रायपुर संजीव शुक्ला तथा रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह भी शामिल हुए।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी-कर्मचारी, छात्र-छात्राएं, दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक और बड़ी संख्या में महिलाएं भी कार्यक्रम का हिस्सा बनीं।
विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम के माध्यम से स्वास्थ्य जागरूकता, नियमित योग अभ्यास और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने का प्रयास किया गया। आयोजन में विभिन्न आयु वर्ग के लोगों की सहभागिता देखने को मिली।



