आईपीएल सट्टेबाजी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए रायगढ़ पुलिस ने गोवा से 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी हाईटेक तकनीक और विदेशी बेटिंग नेटवर्क के जरिए ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे थे। मामला रायगढ़ के कोतवाली थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों के पास ऐसा ऐप मौजूद था, जो क्रिकेट मैच का लाइव अपडेट सामान्य प्रसारण से करीब 7 सेकेंड पहले उपलब्ध करा देता था। इसी समय अंतर का इस्तेमाल कर आरोपी सट्टेबाजों के पैसे और दांव का हिसाब तेजी से अपडेट करते थे। पुलिस का कहना है कि इस तकनीक से गिरोह को लगातार आर्थिक फायदा मिल रहा था।
जांच के दौरान पुलिस को डिजिटल बेटिंग आईडी, हवाला लेनदेन और करोड़ों रुपये के ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से जुड़े दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड मिले हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि बेटिंग आईडी दुबई से उपलब्ध कराई जाती थी। बाद में इन्हें अलग-अलग एजेंटों और खिलाड़ियों तक पहुंचाकर ऑनलाइन सट्टा चलाया जाता था।
रायगढ़ पुलिस की टीम ने कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से कई मोबाइल फोन, लैपटॉप, बैंकिंग दस्तावेज और ऑनलाइन लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड जब्त किए हैं। साइबर टीम अब इन डिवाइसों की जांच कर रही है ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आईपीएल मैचों के दौरान गिरोह पूरी तरह तकनीकी सिस्टम के जरिए काम कर रहा था। लाइव प्रसारण से पहले अपडेट मिलने के कारण आरोपी दांव लगाने वालों की गतिविधियों पर तुरंत प्रतिक्रिया देकर अपना हिसाब सुरक्षित कर लेते थे। इसके अलावा वे अन्य लोगों को बेटिंग आईडी उपलब्ध कराकर कमीशन भी लेते थे।
जांच में हवाला एंगल सामने आने के बाद आर्थिक लेनदेन की भी अलग से पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नेटवर्क का संचालन केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित था या दूसरे राज्यों में भी इसका लिंक फैला हुआ था।
सूत्रों के अनुसार आरोपियों की गतिविधियों पर कुछ समय से नजर रखी जा रही थी। तकनीकी इनपुट और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम ने गोवा में दबिश देकर कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपियों को ट्रांजिट प्रक्रिया के बाद छत्तीसगढ़ लाने की तैयारी की जा रही है।
रायगढ़ पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे और ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े पैसों का इस्तेमाल कहां किया जा रहा था। मामले में आगे और गिरफ्तारी की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।



