रायपुर में कारोबारी से 50 लाख रुपये की लूट के मामले में गिरफ्तार कांग्रेस पार्षद ओमप्रकाश साहू को पार्टी ने निलंबित कर दिया है। रायपुर जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे ने यह कार्रवाई करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक जांच समिति के गठन की भी घोषणा की है।
यह कार्रवाई उस समय हुई जब डीसीपी नॉर्थ की टीम ने लूट की वारदात का खुलासा करते हुए कांग्रेस पार्षद समेत कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड कारोबारी का ड्राइवर ही निकला, जिसने सुनियोजित तरीके से घटना को अंजाम दिया।
पुलिस जांच के मुताबिक 25 अप्रैल 2026 को कारोबारी अखिलेश का ड्राइवर कृष्णा साहू और अकाउंटेंट करीब 50 लाख रुपये लेकर बैंक जा रहे थे। रास्ते में कृष्णा साहू ने गुटखा लेने के बहाने अकाउंटेंट को गाड़ी से उतार दिया और फिर कार समेत नकदी लेकर फरार हो गया। घटना के बाद मामले की शिकायत दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, पूछताछ और मुखबिर सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान की। पूछताछ में कृष्णा साहू ने स्वीकार किया कि उसने अपने परिवार के सदस्यों और अन्य साथियों के साथ मिलकर पहले से साजिश रची थी और वारदात को अंजाम दिया। उसने लूटी गई रकम को अपने रिश्तेदारों और साथियों के बीच बांट दिया था।
पुलिस ने इस मामले में कृष्णा साहू, कन्हैया राणा, सविता साहू, भुनेश्वर साहू, ओमप्रकाश साहू, विष्णु प्रसाद पटेल और टीकम पटेल को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 49 लाख 50 हजार रुपये नकद, एमजी विंडसर कार (CG/04/QG/6633) और घटना में प्रयुक्त वर्ना कार जब्त की गई है। जब्त संपत्ति की कुल कीमत करीब 66 लाख 50 हजार रुपये आंकी गई है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 306 और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक प्रक्रिया में भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य संभावित पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
इस मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। कांग्रेस संगठन ने आरोपी पार्षद को निलंबित करते हुए स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


