छत्तीसगढ़ में मौसम ने करवट लेते हुए गर्मी का प्रभाव तेज कर दिया है, जहां उत्तर-पश्चिम दिशा से आ रही गर्म और शुष्क हवाओं के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है। राजधानी रायपुर सहित मध्य क्षेत्र में पिछले दो दिनों से गर्मी का असर स्पष्ट रूप से महसूस किया जा रहा है, जिससे दिन के समय बिना कूलर और एसी के रहना कठिन होता जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 14 अप्रैल को प्रदेश में मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है, जबकि 15 अप्रैल से मध्य क्षेत्रों में हीटवेव जैसी स्थिति बनने के संकेत हैं।
मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि वर्तमान में ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण और विभिन्न द्रोणिकाएं सक्रिय हैं, जिनका असर मध्य भारत के मौसम पर पड़ रहा है। इन सिस्टम्स के कारण गर्म हवाओं का प्रवाह बना हुआ है और इससे तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है। अगले दो दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है, हालांकि बस्तर संभाग के कुछ जिलों में इसका प्रभाव अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है।
राजधानी रायपुर में सोमवार को आसमान साफ रहने की संभावना जताई गई है। यहां अधिकतम तापमान लगभग 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। वहीं, प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी तापमान तेजी से बढ़ रहा है। रविवार को रायपुर सबसे गर्म रहा, जबकि सोमवार को राजनांदगांव में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। दूसरी ओर, न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 18.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय तेज धूप से बचने की सलाह दी है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की अपील की गई है, ताकि लू और गर्मी से संबंधित बीमारियों से बचा जा सके।
प्रदेश में बढ़ती गर्मी के बीच प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो गए हैं। अस्पतालों में लू और डिहाइड्रेशन से जुड़े मामलों के लिए तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी संभव है, जिससे आम जनजीवन पर प्रभाव पड़ सकता है।


