रायपुर हेरोइन सप्लाई नेटवर्क मामला राजधानी रायपुर से सामने आया है, जहां पुलिस ने पंजाब से जुड़े कथित हेरोइन सप्लाई नेटवर्क का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 56 ग्राम से ज्यादा हेरोइन, एक स्कूटर और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। मामले में पुलिस अब वित्तीय लेनदेन और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच कर रही है।
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के वेस्ट जोन की इस कार्रवाई को कबीर नगर थाना पुलिस ने अंजाम दिया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक 19 मई को पहली सफलता उस समय मिली, जब रेहिना कौर और करनदीप सिंह मान को बीएसयूपी कॉलोनी, जरवाय इलाके में कथित तौर पर हेरोइन बेचने के लिए ग्राहक तलाशते हुए पकड़ा गया।
तलाशी के दौरान दोनों आरोपियों के कब्जे से 9.19 ग्राम हेरोइन, एक एक्टिवा स्कूटर और मोबाइल फोन बरामद किए गए। इसके बाद कबीर नगर थाना में एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस पूछताछ और तकनीकी निगरानी के दौरान जांच एजेंसियों को पंजाब के गुरदासपुर निवासी चरणजीत सिंह उर्फ सोनू के बारे में जानकारी मिली, जिसे इस नेटवर्क का कथित मुख्य सप्लायर बताया जा रहा है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी चरणजीत सिंह उर्फ सोनू पहले भी हेरोइन तस्करी के मामलों में आरोपी रह चुका है। जांच में यह भी सामने आया कि वह एक पुराने एनडीपीएस मामले में फरार था। पुलिस ने 23 मई को उसे सोंडोंगरी तालाब इलाके के पास गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से 47 ग्राम हेरोइन और एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया। इस तरह पूरे मामले में कुल 56 ग्राम से ज्यादा हेरोइन जब्त की गई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच में कथित तौर पर रिटेल सप्लायर, इंटरस्टेट सप्लाई चैन और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई है। अब आर्थिक जांच के जरिए यह पता लगाया जा रहा है कि ड्रग्स तस्करी से अर्जित रकम कहां और कैसे इस्तेमाल की जा रही थी।
पुलिस ने साफ किया है कि कार्रवाई किसी समुदाय या क्षेत्र विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि ड्रग्स तस्करी जैसे संगठित अपराध के खिलाफ है। अधिकारियों के मुताबिक नशे के नेटवर्क को खत्म करने के लिए सप्लाई चैन, फाइनेंशियल ट्रेल और स्थानीय वितरण तंत्र पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
रायपुर पुलिस का कहना है कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और मामले की जांच अभी जारी है।



