रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रायपुर जोनल कार्यालय ने महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रमुख आरोपियों में शामिल विकास गर्ग की 10 दिन की कस्टोडियल रिमांड हासिल की है। विशेष पीएमएलए अदालत, रायपुर ने ईडी को 24 जुलाई तक हिरासत में पूछताछ की अनुमति दी है।
ईडी के अनुसार, विकास गर्ग को 14 जुलाई को नई दिल्ली में धारा 19, धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार किया गया था। पहले उन्हें विशेष पीएमएलए अदालत, नई दिल्ली में पेश किया गया, जहां से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद रायपुर लाया गया। इसके बाद 15 जुलाई को विशेष पीएमएलए अदालत, रायपुर में पेश करने पर ईडी को 10 दिन की हिरासत मिल गई।
940.77 करोड़ रुपये की संपत्ति पहले ही अटैच
ईडी ने बताया कि गिरफ्तारी से पहले विकास गर्ग, उनके परिवार के सदस्यों तथा उनसे जुड़ी कंपनियों की करीब 940.77 करोड़ रुपये मूल्य की चल एवं अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की जा चुकी हैं। जांच एजेंसी का आरोप है कि जांच के दौरान भी विकास गर्ग कथित अपराध से अर्जित धन को छिपाने और इधर-उधर स्थानांतरित करने का प्रयास कर रहे थे।
हर महीने 450 करोड़ रुपये से अधिक के अवैध लेनदेन का आरोप
ईडी का दावा है कि महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज का नेटवर्क विदेशों से फ्रेंचाइजी आधारित ‘पैनल सिस्टम’ के माध्यम से संचालित होता था और इससे हर महीने 450 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध आय अर्जित की जाती थी।
जांच एजेंसी के अनुसार, कथित अवैध धन को शेल कंपनियों, एंट्री ऑपरेटरों और विदेशी निवेश संरचनाओं के जरिए वैध निवेश के रूप में दर्शाने का प्रयास किया गया।
विदेशी कंपनियों के जरिए निवेश का आरोप
ईडी ने आरोप लगाया है कि कथित अपराध की आय को दुबई, मॉरीशस और यूनाइटेड किंगडम स्थित कंपनियों के माध्यम से QIP, FPI, FDI और FCCB जैसे निवेश मार्गों का उपयोग कर सूचीबद्ध और गैर-सूचीबद्ध कंपनियों में लगाया गया।
जांच एजेंसी का यह भी आरोप है कि इसी धन का उपयोग अमेरिका स्थित EBIX Inc. में 97.58 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने सहित भारत और विदेशों में शेयर, प्रतिभूतियों और अन्य परिसंपत्तियों में निवेश के लिए किया गया।
करीब 4,000 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच
ईडी के अनुसार, इस मामले में अब तक 7 अस्थायी कुर्की आदेश (Provisional Attachment Orders) जारी किए जा चुके हैं तथा कई अभियोजन शिकायतें और पूरक शिकायतें विशेष पीएमएलए अदालत, रायपुर में दाखिल की जा चुकी हैं, जिन पर अदालत संज्ञान ले चुकी है।
एजेंसी का कहना है कि नवीनतम कार्रवाई के बाद महादेव ऑनलाइन बुक जांच में अब तक करीब 4,000 करोड़ रुपये मूल्य की चल एवं अचल संपत्तियां, जिनमें विदेशी परिसंपत्तियां भी शामिल हैं, अटैच, जब्त या फ्रीज की जा चुकी हैं। ईडी के अनुसार यह धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत देश की सबसे बड़ी परिसंपत्ति खोज और जब्ती कार्रवाइयों में से एक है।



