पीडब्ल्यूडी समीक्षा बैठक के दौरान लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने जांजगीर-चांपा जिले में सड़क और भवन निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने बरसात से पहले सड़क मरम्मत कार्य पूरा करने और लंबित परियोजनाओं में तेजी लाने पर जोर दिया।
जांजगीर विश्राम गृह में आयोजित बैठक में कलेक्टर जन्मेजय महोबे और लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी भी मौजूद रहे। बैठक में जिले में चल रहे निर्माण कार्यों और नई परियोजनाओं की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।
लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश बंसल ने अधिकारियों को स्वीकृत कार्यों की निविदा प्रक्रिया जल्द पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश शुरू होने से पहले सड़कों में पेच रिपेयर का काम प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए, ताकि आम लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों का नियमित परीक्षण कर हर महीने भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही काम में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा।
बैठक के दौरान सचिव ने सक्ती के नया जिला बनने के बाद प्रशासनिक सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभागीय संभागों के पुनर्गठन पर भी चर्चा की। उन्होंने जांजगीर-चांपा और सक्ती जिले में दो-दो संभाग बनाए जाने की बात कही।
उन्होंने अधिकारियों को वित्तीय वर्ष 2026-27 और 2025-26 के कार्यों की प्राथमिकता सूची तैयार कर 31 जुलाई तक प्राक्कलन भेजने के निर्देश दिए। साथ ही समय-सीमा से पीछे चल रहे निर्माण कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया।
मुकेश बंसल ने जांजगीर कलेक्टोरेट के नए भवन निर्माण कार्य की भी समीक्षा की और समुचित कार्ययोजना बनाकर जल्द काम पूरा करने को कहा। उन्होंने ऑडिटोरियम रिनोवेशन कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली।
बैठक में पामगढ़-डोंगाकोर बायपास को प्राथमिकता में रखते हुए जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा जिले में प्रस्तावित द्रुतगामी सड़कों के प्राक्कलन 30 जून तक भेजने को कहा गया।
लोक निर्माण विभाग के सचिव ने साफ कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयसीमा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निगरानी और फील्ड निरीक्षण बढ़ाने के निर्देश भी दिए।
बैठक में बिलासपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता आर.के. रात्रे, जी.एस. मंडावी, अधीक्षण अभियंता के.पी. संत, एन.के. लाल और जे.पी. तिग्गा सहित जांजगीर-चांपा और सक्ती जिले के कई अधिकारी मौजूद रहे।



