गरियाबंद। जिले के छुरा थाना क्षेत्र स्थित कोटरी नाला जलाशय में मछली पकड़ने गए एक युवक की डूबने से मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से मछली पकड़ने का जाल और पकड़ी गई मछलियां भी बरामद हुई हैं।
पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान माखन कमार (35 वर्ष) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से कुरूभाठा गांव का रहने वाला था, लेकिन पिछले कई वर्षों से परसदा खुर्द स्थित अपने ससुराल में रह रहा था। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक वह कोटरी नाला जलाशय में मछली पकड़ने गया था। इसी दौरान वह गहरे पानी में चला गया और डूबने से उसकी मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा कार्रवाई की तथा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बाद में आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया गया।
घटनास्थल से जाल और मछलियां भी मिलीं
पुलिस और स्थानीय लोगों के अनुसार घटनास्थल से मछली पकड़ने का जाल तथा पकड़ी गई मछलियां भी बरामद हुई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मृतक जलाशय में मछली आखेट के उद्देश्य से ही गया था। ऐसे में यह हादसा केवल डूबने की घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रतिबंध अवधि के दौरान मछली पकड़ने की गतिविधियों की ओर भी संकेत करता है।
प्रतिबंधित अवधि में मछली आखेट पर सवाल
गौरतलब है कि 15 जून से 15 अगस्त तक मछलियों के प्रजनन काल को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में जलाशयों, बांधों, नदियों और अन्य जल स्रोतों में मछली आखेट पर प्रतिबंध लागू रहता है। इस अवधि में मछली पकड़ना नियमों के विरुद्ध माना जाता है।
इसके बावजूद विभिन्न क्षेत्रों से लगातार मछली पकड़ने की गतिविधियों की जानकारी सामने आती रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रतिबंध का प्रभावी पालन और नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए तो इस तरह की घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।
बरसात में बढ़ जाता है खतरा
क्षेत्रवासियों का कहना है कि मानसून के दौरान जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ता है और पानी का बहाव सामान्य दिनों की तुलना में अधिक खतरनाक हो जाता है। इसके बावजूद कई लोग मछली पकड़ने के लिए गहरे पानी में उतर जाते हैं, जिससे हादसों की आशंका बढ़ जाती है। लोगों ने जलाशयों में सुरक्षा उपायों और निगरानी को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता बताई है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
माखन कमार की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार उसकी पत्नी का पहले ही निधन हो चुका था। वह अपने पांच वर्षीय बेटे के साथ ससुराल में रहकर जीवनयापन कर रहा था। अब पिता की मौत के बाद बच्चे के सिर से भी अभिभावक का साया उठ गया है। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जांच जारी
छुरा पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।



