₹1,214 की EMI के भुगतान को लेकर हुई बातचीत अब सोशल मीडिया पर शिकायत का विषय बन गई है। एक महिला ने आरोप लगाया है कि भुगतान के लिए संपर्क करने वाले कथित रिकवरी प्रतिनिधि ने व्हाट्सऐप पर एक आपत्तिजनक निजी तस्वीर भेजी। शिकायतकर्ता ने इस मामले को सार्वजनिक करते हुए संबंधित कंपनियों से जांच और कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, उपलब्ध स्क्रीनशॉट से तस्वीर भेजने वाले व्यक्ति की पहचान, उसके नियोक्ता या पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि नहीं होती।
₹1,214 की EMI को लेकर क्या है शिकायत?
शिकायतकर्ता की ओर से साझा किए गए व्हाट्सऐप स्क्रीनशॉट में ₹1,214 की EMI का जिक्र करते हुए भुगतान से संबंधित संदेश दिखाई देते हैं। उसी बातचीत के स्क्रीनशॉट में एक निजी और आपत्तिजनक तस्वीर भी दिखाई गई थी, जिसे इस खबर में पहचान और निजता की सुरक्षा के लिए धुंधला रखा गया है। संपर्क नंबर के कुछ अंक भी छिपाए गए हैं।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह तस्वीर EMI की वसूली से जुड़ी बातचीत के दौरान भेजी गई। यदि ऐसा हुआ है, तो यह सवाल उठता है कि क्या भुगतान की याद दिलाने या बकाया राशि वसूलने के लिए संपर्क करते समय उचित सीमाओं का पालन किया गया। उपलब्ध सामग्री में बातचीत के कुछ हिस्से दिखते हैं, लेकिन केवल स्क्रीनशॉट के आधार पर संदेश भेजने वाले की पहचान या घटना के सभी पहलुओं की पुष्टि नहीं की जा सकती।
X पर मामला उठाकर कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ता ने सोशल मीडिया मंच X पर पोस्ट साझा कर मामले को संबंधित कंपनियों के सामने उठाया। पोस्ट में कथित व्हाट्सऐप बातचीत के स्क्रीनशॉट भी साझा किए गए। शिकायतकर्ता ने संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और बाद की पोस्ट में कहा कि उन्हें मामले पर ठोस जवाब चाहिए।
सोशल मीडिया पर साझा किए गए स्क्रीनशॉट शिकायतकर्ता की ओर से प्रस्तुत सामग्री हैं। इनसे शिकायत के सार्वजनिक रूप से उठाए जाने का संदर्भ मिलता है, लेकिन ये अपने आप में किसी व्यक्ति की भूमिका, उसके रोजगार संबंध या आरोपों की सत्यता का निर्णायक प्रमाण नहीं हैं। इन बिंदुओं की पुष्टि संबंधित कंपनियों की जांच या अन्य स्वतंत्र साक्ष्यों से ही हो सकती है।
Flipkart Support और DMI Finance का जवाब
शिकायत से जुड़े पोस्ट पर Flipkart Support की ओर से जवाब दिया गया कि टीम मामले को देखने और इसे ठीक करने के लिए संपर्क में है। इसके बाद 1 नवंबर 2026 को DMI Finance की ओर से भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी गई। कंपनी के जवाब में कहा गया कि संबंधित टीम शिकायतकर्ता से संपर्क करेगी।
शिकायतकर्ता ने बाद की पोस्ट में कहा कि उन्हें अब तक कॉल नहीं आया है। उन्होंने कार्रवाई की जानकारी, कथित प्रतिनिधि के खिलाफ कदम और मुआवजे की मांग दोहराई। उपलब्ध स्क्रीनशॉट में शिकायतकर्ता की यह बात दर्ज है, लेकिन इस बात की स्वतंत्र पुष्टि नहीं है कि कंपनी की ओर से बाद में संपर्क किया गया या शिकायत की आंतरिक जांच किस स्थिति में है। कंपनियों की ओर से अंतिम निष्कर्ष या कार्रवाई की पुष्टि फिलहाल उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

रिकवरी एजेंटों के लिए क्या हैं नियम?
भारतीय रिजर्व बैंक ने विनियमित बैंकों और वित्तीय संस्थानों को कर्ज वसूली के दौरान ग्राहकों के साथ उचित व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। वसूली के नाम पर धमकी देना, अपमानित करना, निजता में अनुचित दखल देना या परेशान करने वाले तरीके अपनाना स्वीकार्य नहीं है। वित्तीय संस्थाओं से यह अपेक्षा की जाती है कि वे अपने रिकवरी एजेंटों के आचरण पर निगरानी रखें और शिकायतों की उचित जांच करें।
इस मामले में शिकायतकर्ता का आरोप सही पाए जाने पर संबंधित कंपनी से यह पूछा जा सकता है कि संपर्क करने वाले व्यक्ति की भूमिका क्या थी, क्या वह कंपनी या उसके नियुक्त एजेंट के लिए काम करता था, और क्या निर्धारित आचार नियमों का पालन किया गया। अभी इन सवालों पर कोई स्वतंत्र निष्कर्ष सामने नहीं आया है, इसलिए किसी व्यक्ति या कंपनी को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।
शिकायतकर्ता के पास क्या विकल्प हैं?
ऐसी शिकायत की स्थिति में उपभोक्ता को संदेशों, कॉल रिकॉर्ड, भुगतान विवरण और शिकायत संख्या जैसे उपलब्ध रिकॉर्ड सुरक्षित रखने चाहिए। संबंधित वित्तीय संस्था के आधिकारिक शिकायत निवारण माध्यम पर लिखित शिकायत दर्ज कर उसका संदर्भ नंबर लेना उपयोगी हो सकता है। शिकायत का समाधान न मिलने पर, पात्रता और लागू प्रक्रिया के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक की शिकायत व्यवस्था का विकल्प भी देखा जा सकता है। शिकायत में तारीख, संबंधित EMI का विवरण और उपलब्ध साक्ष्य स्पष्ट रूप से देना जांच में मदद कर सकता है।
इस तरह के मामलों में निजी तस्वीरों को आगे प्रसारित करने से बचना भी जरूरी है। शिकायत की रिपोर्टिंग में तस्वीर को धुंधला रखना और निजी फोन नंबर जैसे विवरण छिपाना संबंधित लोगों की निजता की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
फिलहाल जांच और पुष्टि का इंतजार
फिलहाल यह मामला शिकायतकर्ता की सोशल मीडिया पोस्ट और उसमें साझा किए गए स्क्रीनशॉट पर आधारित है। कथित प्रतिनिधि की पहचान, उसका संबंधित कंपनी से आधिकारिक संबंध और घटना की पूरी परिस्थितियां स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुई हैं। DMI Finance ने टीम की ओर से संपर्क किए जाने की बात कही थी, जबकि शिकायतकर्ता ने बाद में संपर्क नहीं होने का दावा किया।
इस खबर में लगाए गए आरोपों को पुष्ट तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है। संबंधित कंपनियों से जांच की स्थिति और कार्रवाई पर आधिकारिक पुष्टि मिलने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है।


