रायपुर: पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत मोनिका बघेल के खाते में 10 लाख रुपये की राशि जमा की गई है। इस योजना के अंतर्गत कोविड-19 महामारी के दौरान अपने माता-पिता या कानूनी अभिभावक खोने वाले पात्र बच्चों को आर्थिक सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
योजना के तहत लाभार्थी के नाम पर निर्धारित राशि का कोष तैयार किया जाता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रभावित बच्चों को वयस्क होने तक सहायता मिलती रहे और आगे की पढ़ाई तथा जीवन की जरूरतों के लिए आर्थिक आधार उपलब्ध हो।
क्या है पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना?
पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना की शुरुआत 29 मई 2021 को कोविड-19 महामारी से प्रभावित बच्चों की देखभाल और संरक्षण के लिए की गई थी। इसके तहत 11 मार्च 2020 से 5 मई 2023 के बीच कोविड-19 के कारण माता-पिता, जीवित बचे एकमात्र माता-पिता, कानूनी अभिभावक या दत्तक माता-पिता को खोने वाले पात्र बच्चों को शामिल किया गया है। संबंधित मृत्यु के समय बच्चे की आयु 18 वर्ष से कम होनी चाहिए थी और अन्य पात्रता शर्तें भी पूरी होनी चाहिए।
लाभार्थी को मिलती हैं कई तरह की सुविधाएं
योजना केवल एकमुश्त आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है। इसके तहत पात्र बच्चों को स्वास्थ्य बीमा, स्कूली शिक्षा और छात्रवृत्ति जैसी सुविधाओं से जोड़ने का प्रावधान है। जरूरत के अनुसार उच्च शिक्षा के लिए शिक्षा ऋण तथा अन्य शैक्षणिक सहायता उपलब्ध कराने में भी सहयोग किया जाता है।
योजना के प्रावधानों के अनुसार, 10 लाख रुपये का कोष लाभार्थी के लिए निर्धारित किया जाता है। 18 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद 23 वर्ष की आयु तक मासिक वजीफे की व्यवस्था है। 23 वर्ष की आयु पूरी होने पर लाभार्थी को 10 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाती है। कोष और भुगतान की प्रक्रिया योजना के निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित होती है।
बच्चों की शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर जोर
योजना का उद्देश्य कोविड-19 के कारण अभिभावक खोने वाले बच्चों को दीर्घकालीन संरक्षण देना है, ताकि उनकी पढ़ाई बीच में न रुके और वे भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें। स्वास्थ्य सुरक्षा, शैक्षणिक सहायता और आर्थिक सहयोग को एक साथ जोड़कर बच्चों के कल्याण पर ध्यान दिया गया है।
रायपुर में मोनिका बघेल के खाते में 10 लाख रुपये जमा होने की जानकारी छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग की ओर से जारी की गई है।



