भोरमदेव कॉरिडोर प्रोजेक्ट समीक्षा को लेकर कवर्धा जिले के भोरमदेव क्षेत्र में बड़ी बैठक आयोजित की गई। स्वदेश दर्शन योजना के तहत 146 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण कार्य की समीक्षा करने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भोरमदेव पहुंचे, जहां उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता और समयसीमा को लेकर अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए।
कवर्धा के भोरमदेव स्थित सर्किट हाउस में आयोजित समीक्षा बैठक में पर्यटन विभाग के एमडी विवेक आचार्य भी मौजूद रहे। बैठक से पहले उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, इंजीनियरों और ठेकेदारों के साथ पूरे प्रोजेक्ट एरिया का भ्रमण कर मौके पर चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया।
इसके बाद आयोजित समीक्षा बैठक में मंदिर परिसर, प्रवेश द्वार, संग्रहालय, पर्यटक सुविधाओं, लैंडस्केपिंग, वृक्षारोपण और सरोवर सौंदर्यीकरण जैसे कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने प्रोजेक्ट के विभिन्न हिस्सों में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी दी।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने स्पष्ट कहा कि यह परियोजना आने वाले कई वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है, इसलिए हर निर्माण कार्य मजबूत, टिकाऊ और निर्धारित मानकों के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए कि पर्याप्त मशीनरी और मानव संसाधन बढ़ाकर काम को तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में निर्माण कार्य में देरी स्वीकार नहीं की जाएगी और यदि कोई तकनीकी या अन्य समस्या आती है तो उसकी जानकारी तुरंत दी जाए।
बैठक में हर सोमवार होने वाली प्रगति मॉनिटरिंग की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड में मौजूद रहकर निर्माण कार्य की निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने पर्यटन विभाग के इंजीनियरों को भी तकनीकी सहयोग बढ़ाने के लिए कहा।
समीक्षा बैठक के दौरान मंदिर परिसर, सरोवर, मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुआ और सरोदा डैम से जुड़े निर्माण कार्यों की भी प्रगति पर चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉरिडोर के प्रवेश द्वार, खंभों और दीवारों में फणी नागवंशी स्थापत्य शैली की झलक स्पष्ट दिखनी चाहिए, ताकि यहां आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक छत्तीसगढ़ की प्राचीन संस्कृति से जुड़ सकें।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रवेश द्वार पर स्थापित होने वाली नंदी प्रतिमा विशाल और आकर्षक हो, ताकि परिसर का भव्य स्वरूप और प्रभावी नजर आए। साथ ही आदिवासी संग्रहालय में भोरमदेव क्षेत्र की ऐतिहासिक और पौराणिक कथाओं को प्रभावी तरीके से प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए।
उप मुख्यमंत्री ने स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं पर विशेष जोर देते हुए कहा कि महिला और पुरुष शौचालय अलग-अलग और सुविधाजनक स्थानों पर बनाए जाएं। बारिश के मौसम को ध्यान में रखते हुए पीपल, बरगद और नीम जैसे पौधों का रोपण जल्द शुरू करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में जनप्रतिनिधियों, इंजीनियरों, ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।



