रायपुर जिला बदर कार्रवाई के तहत राजधानी में कमिश्नरेट व्यवस्था लागू होने के बाद पुलिस ने पहली बड़ी सख्त कार्रवाई करते हुए एक आदतन अपराधी को छह जिलों की सीमा से बाहर कर दिया है। पुलिस का कहना है कि यह कदम क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
जानकारी के अनुसार गुढियारी क्षेत्र के रहने वाले 32 वर्षीय अविनाश कोसले उर्फ मनिया के खिलाफ जिला बदर का आदेश जारी किया गया है। आरोपी पर हत्या के प्रयास, मारपीट, आर्म्स एक्ट और जुआ एक्ट सहित एक दर्जन से अधिक गंभीर अपराध दर्ज हैं। वह पूर्व में जेल भी जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद उसकी आपराधिक गतिविधियां लगातार जारी थीं।
पुलिस और प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5(ख) के तहत 29 मई 2026 को जिला बदर की कार्रवाई की गई। आदेश के मुताबिक आरोपी को उसी दिन शाम 5 बजे से रायपुर, दुर्ग, धमतरी, महासमुंद, बलौदाबाजार और गरियाबंद जिलों की सीमाओं से बाहर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
यह प्रतिबंध आगामी 30 अगस्त 2026 तक प्रभावी रहेगा। इस अवधि के दौरान आरोपी बिना सक्षम न्यायालय की अनुमति के इन जिलों की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकेगा। आदेश का उल्लंघन करने पर उसके खिलाफ और कठोर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार अविनाश कोसले की लगातार आपराधिक गतिविधियों के कारण गुढियारी और आसपास के क्षेत्रों में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया था। स्थानीय नागरिकों द्वारा लगातार शिकायतें भी की जा रही थीं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने जिला बदर जैसी सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया।
रायपुर में हाल ही में कमिश्नरेट व्यवस्था लागू की गई है और इसके बाद यह पहली प्रमुख जिला बदर कार्रवाई मानी जा रही है। पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे जो क्षेत्र की शांति और कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बनते हैं।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कमिश्नरेट व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य अपराध पर नियंत्रण, त्वरित कार्रवाई और आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। इसी दिशा में यह कार्रवाई एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



