रायगढ़। रायगढ़ जिले के लैलूंगा क्षेत्र स्थित शासकीय महाविद्यालय कुंजारा में सहायक प्राध्यापक और एक छात्रा के बीच विवाद में नया मोड़ आ गया है। छात्रा की शिकायत पर पहले सहायक प्राध्यापक के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद अब प्रोफेसर की शिकायत पर भी पुलिस ने छात्रा के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, शासकीय महाविद्यालय कुंजारा में पदस्थ सहायक प्राध्यापक रेमन भार्गव ने शिकायत दर्ज कराई है कि भागीरथी पटेल कॉलोनी निवासी युवती उनके घर आती-जाती थी और कई बार उनसे उधार रुपये मांग चुकी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि हाल में रुपये देने से इनकार करने पर युवती ने उनके साथ गाली-गलौज की, कॉलर पकड़कर थप्पड़ मारे और झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी।
प्रोफेसर ने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि घटना के बाद वे भय के कारण कुछ समय के लिए लैलूंगा छोड़कर रायगढ़ चले गए थे। पुलिस ने उनकी शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2), 296 और 351(3) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
छात्रा ने पहले लगाए थे गंभीर आरोप
इससे पहले छात्रा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया था कि सहायक प्राध्यापक पिछले करीब डेढ़ वर्ष से व्हाट्सएप और टेलीग्राम के माध्यम से अश्लील संदेश भेज रहे थे तथा उस पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बना रहे थे। छात्रा ने मानसिक प्रताड़ना का भी आरोप लगाया था और दावा किया था कि उसके पास चैट सहित डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित हैं।
छात्रा की शिकायत के आधार पर पुलिस ने सहायक प्राध्यापक के खिलाफ बीएनएस की धारा 78 और 79 के तहत मामला दर्ज किया था।
वायरल वीडियो के बाद चर्चा में आया मामला
यह मामला उस समय सुर्खियों में आया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें छात्रा सहायक प्राध्यापक का कॉलर पकड़कर थप्पड़ मारते और दोनों के बीच तीखी बहस होती दिखाई दी। वीडियो में प्रोफेसर की पत्नी भी बीच-बचाव करती नजर आई थीं। इसके बाद यह मामला व्यापक चर्चा का विषय बन गया।
दोनों मामलों की जांच जारी
लैलूंगा थाना प्रभारी गिरधारी साव ने बताया कि पहले छात्रा की शिकायत पर सहायक प्राध्यापक के खिलाफ तथा अब प्रोफेसर की शिकायत पर छात्रा के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस दोनों मामलों में पक्षकारों के बयान, डिजिटल साक्ष्यों, उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य प्रमाणों के आधार पर निष्पक्ष जांच कर रही है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



