दुर्ग जिले में गुम हुए मोबाइल फोन के मामलों के निराकरण के लिए एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट द्वारा चलाए गए विशेष अभियान में बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर संचालित इस अभियान के तहत एसीयू टीम ने वर्ष 2023 से 2026 के बीच गुम हुए कुल 202 मोबाइल फोन खोजकर बरामद किए हैं। बरामद किए गए मोबाइल फोन की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 60 लाख रुपये आंकी गई है। सभी मोबाइल फोन का विधिवत सत्यापन करने के बाद उन्हें संबंधित वास्तविक स्वामियों को लौटाया जा रहा है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले के विभिन्न थानों में लगातार गुम मोबाइल को लेकर आवेदन प्राप्त हो रहे थे। इन आवेदनों के आधार पर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, जिला दुर्ग द्वारा तकनीकी विश्लेषण और नेटवर्क ट्रैकिंग के माध्यम से मोबाइल फोन की खोज शुरू की गई। जांच के दौरान दुर्ग और भिलाई के साथ-साथ राजनांदगांव, बालोद, बेमेतरा और रायपुर क्षेत्रों से विभिन्न कंपनियों के मोबाइल फोन बरामद किए गए।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मोबाइल फोन की बरामदगी में साइबर तकनीक, आईएमईआई ट्रैकिंग और दूरसंचार नेटवर्क का प्रभावी उपयोग किया गया। लगातार प्रयास और समन्वय के चलते बड़ी संख्या में गुम मोबाइल फोन को खोजने में सफलता मिली। बरामद मोबाइल फोन का मिलान संबंधित शिकायतों और दस्तावेजों से करने के बाद उन्हें वास्तविक मालिकों को सौंपने की प्रक्रिया जारी है।
मोबाइल वितरण कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा उपस्थित नागरिकों को यातायात नियमों के पालन के लिए भी प्रेरित किया गया। इस अवसर पर सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दोपहिया वाहन चालकों को अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने की शपथ दिलाई गई। पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की कि वे सुरक्षित यातायात व्यवहार अपनाएं और स्वयं के साथ-साथ दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।
इस संपूर्ण कार्यवाही में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, जिला दुर्ग के निरीक्षक प्रमोद कुमार सरिया के नेतृत्व में यूनिट के अधिकारी-कर्मचारियों और संबंधित थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस प्रशासन ने टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे नागरिकों के प्रति भरोसा और सेवा का उदाहरण बताया है।
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनका मोबाइल फोन गुम या चोरी हो जाता है, तो तत्काल नजदीकी थाना में रिपोर्ट दर्ज कराएं। इसके बाद भारत सरकार के सीईआईआर पोर्टल पर गुम मोबाइल की जानकारी दर्ज करना आवश्यक है। पुलिस के अनुसार, समय पर रिपोर्ट दर्ज कराने से मोबाइल की खोज, ब्लॉकिंग और आगे की वैधानिक कार्रवाई में सहायता मिलती है। दुर्ग पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि नागरिकों की शिकायतों के समाधान के लिए ऐसे विशेष अभियान आगे भी जारी रहेंगे।



