बलौदाबाजार वनमंडल में 21 मार्च को विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर जनजागरूकता और सहभागिता आधारित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों के माध्यम से वन संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के महत्व को रेखांकित किया गया।
इस अवसर पर जिले के विद्यालयों और महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं के लिए पेंटिंग, निबंध लेखन और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने वन संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरण से जुड़े विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र और पुरस्कार प्रदान किए गए।
कार्यक्रम के अंतर्गत वन एवं वन्यजीव अपराध अन्वेषण और अभियोजन विषय पर एक कार्यशाला भी आयोजित की गई। इसमें अतिरिक्त जिला न्यायाधीश राकेश कुमार वर्मा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गिरीश पाल सिंह और न्यायिक मजिस्ट्रेट कसडोल श्वेता मिश्रा उपस्थित रहे। कार्यशाला में वन्यजीव अपराधों से संबंधित कानूनी प्रावधान, जांच प्रक्रिया और साक्ष्य संकलन की जानकारी दी गई।
वनमंडलाधिकारी धम्मशील गणवीर ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वन संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है और इसके लिए सभी को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में उप वनमंडलाधिकारी निश्चल शुक्ला, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अजय मिश्रा, बारनवापारा अभयारण्य के अधीक्षक कृषानू चन्द्राकार सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, विद्यार्थी और अन्य नागरिक उपस्थित रहे।


