कोंडागांव जिले में तेंदुए की खाल की तस्करी के मामले में वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 19 मार्च 2026 को केशकाल वनमंडल और राज्य स्तरीय उड़नदस्ता दल की संयुक्त टीम द्वारा की गई। अधिकारियों के अनुसार आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
वन विभाग को मुखबिर से सूचना मिली थी कि तेंदुए की खाल की अवैध बिक्री की तैयारी की जा रही है। इसके आधार पर टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की और एक कर्मचारी को खरीदार बनाकर आरोपियों से संपर्क कराया। तय स्थान पर जब आरोपी तेंदुए की खाल लेकर पहुंचे, तब टीम ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया।
कार्रवाई के दौरान मौके से 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर मुख्य आरोपी को अगले दिन नारायणपुर जिले के ग्राम बोरावण्ड से गिरफ्तार किया गया। पुलिस और वन विभाग ने शिकार में प्रयुक्त भरमार बंदूक भी बरामद की है।
अधिकारियों के अनुसार जब्त तेंदुए की खाल की लंबाई लगभग 195 सेंटीमीटर और चौड़ाई 45 सेंटीमीटर पाई गई है। गिरफ्तार आरोपी कोंडागांव, दंतेवाड़ा, बस्तर और नारायणपुर जिलों के निवासी बताए गए हैं।
वनमंडलाधिकारी के निर्देशन में प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। वन विभाग ने कहा है कि वन्यजीवों के अवैध शिकार और व्यापार के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।


